नियम उल्लंघन पर सख्ती: गलगलिया चेकपोस्ट पर सघन जाँच में ₹4.11 लाख का जुर्माना वसूला
अवैध परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई, 43 वाहनों से की गई वसूली
किशनगंज,03जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी विशाल राज एवं पुलिस अधीक्षक सागर कुमार के संयुक्त निर्देश पर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध परिवहन एवं तस्करी के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गलगलिया चेकपोस्ट पर असम, नागालैंड एवं पश्चिम बंगाल से बिहार में प्रवेश करने वाले कोयला, गिट्टी, बालू सहित अन्य ओवरलोडेड एवं संदिग्ध वाहनों की गहन जांच की जा रही है।
जांच के दौरान फर्जी जीएसटी बिल एवं माइनिंग चालान के बिना परिचालित वाहनों के माध्यम से की जा रही अवैध आपूर्ति पर विशेष नजर रखी जा रही है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में मवेशी, बालू, बेड मिशाली, कोयला, लकड़ी, ब्राउन शुगर, स्मैक, गांजा, सोना एवं चांदी जैसी अवैध तस्करी की रोकथाम हेतु मद्य निषेध चेकपोस्ट, गलगलिया पर पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
उल्लेखनीय है कि अररिया–गलगलिया एनएच-327ई, किशनगंज–दालकोला एनएच-27 तथा दालकोला–बिपरी पटना (ग्वालपोखर थाना, उत्तर दिनाजपुर) और किशनगंज से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में इन्ट्री माफियाओं द्वारा अवैध तस्करी की संभावनाओं को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन्हीं शिकायतों के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
कार्य की गंभीरता को देखते हुए 15 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक की अवधि के लिए पदाधिकारियों की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रतिनियुक्त पदाधिकारी संदिग्ध वाहनों की सघन जांच करते हुए फर्जी जीएसटी बिल एवं माइनिंग चालान की जांच कर नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।
गलगलिया चेकपोस्ट पर प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी, पूर्व से तैनात मद्य निषेध पुलिस बल के साथ समन्वय स्थापित कर सतत, सघन एवं प्रभावी रूप से वाहन जाँच अभियान चला रहे हैं। इस क्रम में बीते एक सप्ताह के दौरान किए गए सघन जांच अभियान में सरकारी नियमों के उल्लंघन के आरोप में कुल 43 वाहनों से ₹4,11,000 (चार लाख ग्यारह हजार रुपये) की जुर्माना राशि वसूल की गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध तस्करी, ओवरलोडिंग एवं नियम उल्लंघन के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध आगे भी कठोरतम विधिसम्मत कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।



