*अप्रमाणिक खाद्य सामग्री/उत्पादों के बिक्री पर रोक के लिए चलाया जायेगा विशेष अभियान*
*अप्रमाणिक खाद्य सामग्री/उत्पादों की अवैध व्यापार पर रोकथाम के लिए की जायेगी सतत् निगरानी*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री, बिहार श्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा अपने कार्यालय कक्ष विकास भवन में अप्रमाणिक लहसुन, हल्दी, चावल तथा अन्य खाद्य सामग्री/उत्पादांे की तस्करी तथा बिक्री से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव पर कृषि, स्वास्थ्य, गृह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, कृषि विश्वविद्यालय तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के पूर्वी क्षेत्र के वैज्ञानिकों के साथ विमर्श किया।
माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री ने कहा कि हमारे किसान खाद्यान्न फसलें, सब्जी, फल और औषधीय पौधे उत्पादित करते हैं, उनकी गुणवत्ता प्रभावित न हो और बाहर से आयातित किसी भी प्रकार के अप्रमाणिक लहसुन, हल्दी, चावल या अन्य खाद्य सामग्री हमारे परिवार तक न पहुँचे, इसके लिए संदिग्ध उत्पादों की सैंपलिंग और परीक्षण की व्यवस्था सुदृढ़ करना है तथा नकली खाद्य पदार्थों की पहचान के लिए निरंतर टेस्टिंग अभियान चलाना है। सीमावर्त्ती क्षेत्रों तथा संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध उत्पादों की सतत् निगरानी को बढ़ाना है।
माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यालय स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक खाद्य श्रृंखला में संदिग्ध उत्पादों के रोकथाम के लिए गठित टास्क फोर्स को क्रियाशील किया जायेगा। नकली खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए बाजारों में निरीक्षण की संख्या बढ़ाई जायेगी। नकली खाद्य और कृषि उत्पादों के व्यापार में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर दंड और जुर्माने के लिए कानून और नियम को कठोरता से लागू किया जायेगा। स्थानीय बाजारों, थोक विक्रेताओं, गोदामों, और परिवहन साधनों की सघन जांच के लिए एक संयुक्त कार्यबल (टास्क फोर्स) गठित किया जायेगा। बाहर से आयातित किसी भी प्रकार के अप्रमाणिक लहसुन, हल्दी, चावल या अन्य खाद्य सामग्री के पहचान और उसके नुकसान के बारे में आम जनता और किसानों को जागरूक किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविधालयो में कार्यरत प्रयोगशालाओं तथा स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यरत प्रयोगशालाओं में संदिग्ध उत्पादों की सैंपलिंग और परीक्षण की संख्या बढ़ाई जायेगी। आम जनों के स्वास्थ्य सुरक्षा के जुड़े प्रत्येक विभाग समयबद्ध कार्य योजना के तहत कार्य करेंगे तथा नकली खाद्य और कृषि उत्पादों की नियमित निगरानी और समीक्षा की जायेगी।
श्री सिन्हा ने कहा कि खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) तथा अन्य एजेन्सियों के माध्यम से गुणवत्ता, कम्पोजिशन तथा वैधता तिथि को अंकित कराना सुनिश्चित किया जाये। राज्य में किसानों को देसी उत्पादों की खेती और बिक्री में प्रोत्साहित किया जायेगा। आम जनता और किसानों की स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
इस बैठक में सचिव कृषि श्री संजय कुमार अग्रवाल, सचिव स्वास्थ्य विभाग श्री मनोज कुमार सिंह, निदेशक उद्यान श्री अभिषेक कुमार, अपर सचिव श्री शैलेन्द्र कुमार, खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग तथा गृह विभाग के वरीय पदाधिकारी सहित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थें।