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किशनगंज : आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में छह दिवसीय खेता कढ़ाई कार्यशाला संपन्न

किशनगंज,03फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन किशनगंज के संयुक्त तत्वावधान में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, किशनगंज में आयोजित छह दिवसीय खेता कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी विशाल राज एवं अपर समाहर्ता मो. उमैर द्वारा संयुक्त रूप से रिबन काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन अवसर पर जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि खेता कढ़ाई जिले की विशिष्ट पारंपरिक लोककला है, जो हमारी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएं स्थानीय कलाओं के संरक्षण के साथ कलाकारों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

अपर समाहर्ता मो. उमैर ने कहा कि जिला प्रशासन पारंपरिक एवं विलुप्तप्राय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रयासरत है। खेता कढ़ाई जैसी लोककला को प्रोत्साहित कर इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने महिलाओं से इस कला को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।इस छह दिवसीय कार्यशाला में कुल 40 प्रशिक्षुओं को 27 जनवरी से 02 फरवरी 2026 तक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खेता कढ़ाई की मूल तकनीक, पारंपरिक डिज़ाइन, रंग संयोजन, कपड़े की तैयारी, सिलाई-कढ़ाई की विभिन्न विधियों के साथ-साथ आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप नए डिज़ाइन विकसित करने एवं विपणन से संबंधित जानकारी दी गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले की पारंपरिक खेता कढ़ाई कला का संरक्षण, स्थानीय कलाकारों के कौशल का उन्नयन तथा उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना रहा। यह कला विशेष रूप से जिले की महिलाओं द्वारा पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित की जाती रही है।

समापन समारोह में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) किशनगंज सह वरीय प्रभारी, कला एवं संस्कृति कार्यालय मो. उमैर द्वारा महिला एवं बाल प्रशिक्षुओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को नियमित अभ्यास, नवाचार एवं गुणवत्ता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति विभाग के पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, प्रशिक्षक, स्थानीय कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षु उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन एवं कला एवं संस्कृति विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

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