किशनगंज : स्वास्थ्य केन्द्रों पर सुरक्षित मातृत्व अभियान व परिवार नियोजन दिवस आयोजित
गर्भवती माताओं को मिला समय पर जांच, उपचार व परामर्श का लाभ
किशनगंज,21जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह,
गर्भावस्था के दौरान समय पर जांच, सही परामर्श और सुरक्षित प्रसव की तैयारी ही मां और नवजात के स्वस्थ भविष्य की नींव होती है। इसी उद्देश्य से जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान एवं परिवार नियोजन दिवस का संयुक्त आयोजन किया गया।
अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं तथा सुरक्षित मातृत्व और जिम्मेदार परिवार नियोजन के प्रति उन्हें जागरूक किया गया।
गर्भवती महिलाओं को मिला समग्र स्वास्थ्य लाभ
सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की विस्तृत स्वास्थ्य जांच का निरीक्षण किया गया। जांच में खून, पेशाब, वजन, ब्लड प्रेशर, एचआईवी एवं सिफिलिस सहित अन्य आवश्यक परीक्षण शामिल थे। साथ ही उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें विशेष देखभाल एवं रेफरल सेवाओं से जोड़ा गया।
महिलाओं को आयरन व कैल्शियम की गोलियां, टीटी इंजेक्शन तथा पोषण संबंधी परामर्श भी दिया गया, ताकि एनीमिया एवं गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं से बचाव किया जा सके।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और परिवार नियोजन दिवस मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम अंतिम पंक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
परिवार नियोजन से सुरक्षित भविष्य की ओर कदम
सदर अस्पताल की महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शबनम यास्मीन ने बताया कि परिवार नियोजन दिवस के तहत योग्य दंपतियों को गर्भनिरोधक साधनों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार में परिवार नियोजन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर अंतरा इंजेक्शन, पीपीआईयूसीडी, आईयूसीडी, साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली ‘छाया’ सहित अन्य साधन नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए।
अल्ट्रासाउंड व उच्च जोखिम मामलों पर विशेष ध्यान
कार्यक्रम के दौरान सदर अस्पताल में 27 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। जांच के दौरान जिन महिलाओं में जोखिम पाया गया, उन्हें जिला अस्पताल अथवा विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास रेफर किया गया।
जागरूकता से बनेगा स्वस्थ समाज
स्वास्थ्य कर्मियों ने गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को पोषण, संस्थागत प्रसव, नियमित जांच और परिवार नियोजन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों की महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सुरक्षित मातृत्व और जिम्मेदार परिवार नियोजन ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की नींव है।

