राज्य

हिलसा में अवैध नर्सिग होम पर एसडीओ के नेतृत्व में की गई छापामारी।

नर्सिग होम सील ,संचालक पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

 सोनू कुमार -हिलसा (नालंदा):-शहर में अवैध रूप से संचालित नर्सिक होम पर प्रशासन के द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए न सिर्फ नर्सिग होम को सील किया बल्कि संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया। बुधवार को एसडीओ प्रवीण कुमार के नेतृत्व में शहर के बिहारी रोड कनूनीया गली स्थित अंशु नामक नर्सिग होम पर किया गया। दोपहर में अचानक एसडीओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम छापामारी करने के लिए जैसे ही नर्सिग होम पर पहुचे की नर्सिग होम के संचालक नौ दो ग्यारह हो। जांच टीम ने नर्सिग होम की पूरी कागजात एव वहां की व्यवस्था को देख एसडीओ दंग रह गए।वहां न कोई डॉक्टर उसके बाद भी मरीजों का ऑपरेशन तक किया जा रहा हो।उस वक्त ऑपरेशन किया हुआ दो मरीज भर्ती पाए गए। दोनो मरीजों को सवसे पहले एम्बुलेंस के माध्यम से अनुमंडलीय अस्पताल में शिप्ट कराया गया। उसके बाद नर्सिग होम को सील कर दिया गया। प्रशासन के इस कार्रवाई के बाद शहर के निजी क्लिनिक एव अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाने बालो में खलबली मच गई देखते ही देखते सभी का शटर धड़ धड़ गिरने लगा।इस छापामारी में एसडीओ के अलावे जिला एव स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी व डॉक्टर सहित पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे।

रजिस्ट्रेशन न डॉक्टर फिर भी मरीजों का कर रहे है ऑपरेशन

शहर में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना डॉक्टर के अवैध नर्सिंग होम धड़ल्ले से चलाए जा रहे है।नर्सिग होम में डॉक्टर के जगह प्रैक्टिसनर ही ऑपरेशन तक कर रहे है।इनकी लापरवाही के कारण कई बार लोगो की जान तक चली गई और हमेशा मरीजों का डर बना भी रहता है लेकिन पैसे के लालच में मरीजों को जबरन अपने क्लिनिक में भर्ती कर उनसे मनमानी ढंग से पैसे की उगाही करते है।इतना तक क्षमता से अधिक बिल बनाने पर जब पैसे नही जुटते है तो वैसे स्थिति में मरीजों को कब्जे में रखते है जब तक मुँहमाँगा पैसा का भुकतान नही होता तब तक मरीजों को नही जाने देते है। इस तरह की शिकायत आये दिन मिलते रहती है।हालही में शहर के योगीपुर रोड एव चिकसौरा रोड स्थित निजी नर्सिग होम में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो थी दोनो नर्सिग होम पर एफआईआर भी हुआ। उसके बाबजूद भी शहर में दो पर कार्रवाई और चार नए नर्सिग होम खुल रहे है।

एसडीओ प्रवीण कुमार ने कहा कि क्षेत्र में अवैध तरीके से निजी नर्सिग होम, क्लीनिक संचालित होने की सूचना मिली थी। ऐसे क्लीनिको में बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों को मरीजों का ऑपरेशन किए जाने, मरीजों से मुँहमाँगा राशि वसूलने, ऐसे लोगो की लापरवाही से मरीजों की मौत होने की शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ छापेमारी की गई है। कार्रवाई के दौरान वहां कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक न तो उपस्थित मिले और नही बोर्ड पर अंकित था जबकि ऑपरेशन किया हुआ दो मरीज भर्ती थे। दोनो मरीज को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया एव उसका पूरा ख्याल स्वास्थ्य विभाग के द्वारा रखा जा रहा है। नर्सिग होम के संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है।अवैध नर्सिंग होम या क्लिनिक चलाने बाले के विरुद्ध निरन्तर कार्रवाई किया जाएगा।गलत पाए जाने पर सीधे एफआईआर कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

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