राज्य

सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस ।…

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/योजना एवं विकास विभाग अंतर्गत निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं:-

राज्य की वार्षिक स्कीम का सूत्रण, उद्व्यय का निर्धारण एवं अनुश्रवण।
 लोक वित्त समिति के माध्यम से राज्य के सभी विभागों के परियोजनाओं की स्वीकृति एवं अनुश्रवण।
 राज्य की वार्षिक स्कीम की समीक्षा एवं व्यय का अनुश्रवण।
 केन्द्र सरकार के नीति आयोग के साथ समन्वय संबंधी कार्य।
 योजना संबंधी आंकड़ो का संग्रहण एवं प्रकाशन।
 राज्य सरकार के 7-निश्चय के तहत “आर्थिक हल, युवाओं को बल“ के अंतर्गत मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण।
 मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना का कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण।
 संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना का कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण।
 पंचायत सरकार भवन निर्माण योजना।
 कब्रिस्तान घेराबंदी योजना।
 मंदिर चहारदिवारी निर्माण योजना।
 ई-किसान भवन निर्माण योजना।
 महादलित विकास मिशन से संबंधित सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड का निर्माण।
 सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम।
 आकांक्षी जिला कार्यक्रम।
 आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम।
 वर्षापात से संबंधित आँकड़ो का संग्रहण एवं विश्लेषण।
 जन्म-मृत्यु का निबंधन।
 राज्य आय से संबंधित आँकड़ो का संग्रहण एवं राज्य आय का निर्धारण।
 विभिन्न फसलों के लिए फसल कटनी प्रयोग का आयोजन एवं उपज दर का निर्धारण।
 आर्थिक गणना, लघु सिंचाई गणना एवं अन्य राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के तहत विभिन्न आँकड़ो का संग्रहण एवं विश्लेषण।
 योजनाओं के सर्वेक्षण, मूल्यांकन इत्यादि के लिये विशेषज्ञ व्यक्तियों एवं संस्थाओं की पहचान तथा उन्हें कार्य आवंटन।
 बिहार मौसम सेवा केन्द्र के माध्यम से मौसम का पूर्वानुमान का प्रसारण कार्य।

योजना एवं विकास विभाग अंतर्गत किये जा रहे कार्यो से संबंधित उपलब्धियाँ निम्नवत हैं:-

• लोक वित्त समिति के समक्ष वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 586 (पाँच सौ छियासी) योजनाओं की अनुशंसा की गयी, जिसकी लागत राशि 138811.97 (एक लाख अड़तीस हजार आठ सौ ग्यारह) करोड़ रू0 है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसम्बर, 2025 तक कुल 357 (तीन सौ सत्तावन) योजनाओं की अनुशंसा की गयी, जिसकी लागत राशि 168870.77 (एक लाख अड़सठ हजार आठ सौ सत्तर) करोड़ रू0 है।
• मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत दिनांक-02 अक्टूबर, 2016 से 31 दिसम्बर 2025 तक 12वीं या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण कुल 8,76,473 (आठ लाख छिहत्तर हजार चार सौ तिहत्तर) आवेदकों को स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया गया है जिस पर कुल व्यय मो0 1,267.31 (एक हजार दो सौ सड़सठ) करोड़ रुपये है।
• मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत दिनांक-01 अक्टूबर, 2025 से स्नातक (कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय से) उत्तीर्ण युवक/युवतियों को भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत दिनांक-31.12.2025 तक कुल 31,006 (इकतीस हजार छह) आवेदकों को स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया गया है जिस पर कुल व्यय मो0 3.10 (तीन) करोड़ रुपये है।
• मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रति विधानमंडल सदस्य की अनुशंसा हेतु अनुमान्यता राशि 3.00 (तीन) करोड़ रूपये से बढ़ाकर 4.00 (चार) करोड़ रूपये प्रति वर्ष की गई है। इस योजना अंतर्गत 17वीं विधान सभा सदस्य एवं बिहार विधान परिषद सदस्य की (वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक) कुल अनुमान्यता राशि 5088.00 (पाँच हजार अठ्ठासी) करोड़ रूपये के विरूद्ध 3633.25 (तीन हजार छह सौ तैंतीस) करोड़ रूपये व्यय कर 72206 (बहत्तर हजार दो सौ छह) योजनाओं को पूर्ण कराया गया है एवं 17621 (सत्रह हजार छह सौ इक्कीस) योजनाओं का कार्य प्रगति पर है।
• संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना अन्तर्गत 18वीं लोक सभा के माननीय सांसदों की अनुशंसा पर माह नवम्बर, 2025 तक कुल स्वीकृत 2456 योजना के विरूद्ध 1108 योजना पूर्ण हो चुकी है जिस पर कुल अद्यतन व्यय 11764.86 (ग्यारह हजार सात सौ चौंसठ) लाख रूपये है इसी प्रकार 17वीं लोक सभा अंतर्गत माननीय सांसदों की अनुशंसा पर कुल स्वीकृत 13093 योजना के विरूद्ध 12190 योजना पूर्ण हो चुकी है जिस पर कुल अद्यतन व्यय 62190.75 (बासठ हजार एक सौ नब्बे) लाख रूपये है।
• माननीय राज्य सभा सांसदों की अनुशंसा पर वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक स्वीकृत 3792 योजनाओं के विरूद्ध 2914 योजना पूर्ण है, जिसपर कुल अद्यतन व्यय 26195.41 लाख (छब्बीस हजार एक सौ पंचानवे लाख) रूपये है तथा 868 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है।
• वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2023-24 में षष्ठम् राज्य वित्त आयोग के अनुशंसा एवं राज्य योजना मद की राशि से 2,000 (दो हजार) पंचायत सरकार भवनों के निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके कार्यान्वयन हेतु 1978 (एक हजार नौ सौ अठहत्तर) अद्द योजनाओं की निविदा प्रकाशित की जा चुकी है जिसमें से 1960 (एक हजार नौ सौ साठ) अद्द पंचायत सरकार भवनों की निविदा का निस्तारण किया जा चुका है।
• पूर्व में राज्य योजना अन्तर्गत (13वीं वित्त) पंचायत सरकार भवन निर्माण योजना के अधीन कुल 1435 (एक हजार चार सौ पैंतीस) अद्द स्वीकृत योजनाओं में से 1191 (एक हजार एक सौ इक्यानबे) अद्द योजनाओं में कार्य प्रारम्भ हुआ, जिसमें से 1162 (एक हजार एक सौ बासठ) अदद योजनाएँ पूर्ण की जा चुकी है।
• बिहार पंचायत सुदृढ़ीकरण योजना के अन्तर्गत कुल 330 (तीन सौ तीस) योजनाओं में से 304 (तीन सौ चार) अद्द पंचायत सरकार भवनों में कार्य प्रारंभ कर 293 (दो सौ तिरानबे) अद्द भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
• कब्रिस्तान घेराबन्दी (अल्पसंख्यक कल्याण मद) योजनान्तर्गत प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त कुल 4289 (चार हजार दो सौ नवासी) अदद योजनाओं में से 3893 (तीन हजार आठ सौ तिरानबे) अदद योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
• बिहार मंदिर चहारदीवारी निर्माण योजनान्तर्गत कुल 654 (छह सौ चौवन) अदद स्वीकृत योजनाओं में से कुल 538 (पाँच सौ अड़तीस) अदद योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
• ई-किसान भवन निर्माण योजनान्तर्गत कुल 210 (दो सौ दस) अदद स्वीकृत योजनाओं में से 186 (एक सौ छियासी) अदद ई-किसान भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।
• महादलित विकास मिशन योजनान्तर्गत कुल 1884 (एक हजार आठ सौ चौरासी) अदद स्वीकृत सामुदायिक भवन-सह-वर्क शेड निर्माण कार्य प्रारंभ कर कुल 1171 (एक हजार एक सौ इकहत्तर) अदद योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
• राज्य सरकार के 50 (पचास) करोड़ से बड़़ी परियोजनाओं के अनुश्रवण हेतु State PMG Portal विकसित किया गया है। PMG के अंतर्गत बिहार में कार्यान्वित कुल 87 (सतासी) परियोजनाओं के 257 (दो सौ सत्तावन) मुद्दों का समाधान किया जा चुका है।
• नीति आयोग द्वारा राज्य के 13 (तेरह) आकांक्षी जिलों (अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, गया, जमुई, कटिहार, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नवादा, पूर्णिया, शेखपुरा एवं सीतामढ़ी) को अबतक कुल 275.26 (दो सौ पचहत्तर) करोड़ रू0 की राशि कर्णांकित की गई है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत 5 (पाँच) प्रक्षेत्र (Sectors) निम्न प्रकार है:- (1) स्वास्थ्य एवं पोषण (2) शिक्षा (3) कृषि एवं जल संसाधन (4) वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास (5) आधारभूत संरचना।
• दिनांक 07 जनवरी, 2023 को मुख्य सचिवों के द्वितीय सम्मेलन में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा आकांक्षी प्रखण्ड कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। देश के 500 (पाँच सौ) पिछड़े प्रखण्डों में बिहार राज्य के 27 (सत्ताईस) जिलों के 61 (इकसठ) प्रखण्ड शामिल हैं तथा आकांक्षी प्रखण्ड कार्यक्रम के अनुश्रवण हेतु 05 (पाँच) Themes अंतर्गत 39 (उनचालीस) संकेतकों (Key Performance Indicators) को शामिल किया गया है। ये निम्न हैंः- स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि और संबद्ध सेवाएँ, सामाजिक विकास तथा बुनियादी ढांचा। नीति आयोग द्वारा आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत राज्य के आकांक्षी प्रखंडों को अबतक प्रोत्साहन के रूप में कुल 20.5 करोड़ (बीस करोड़ पचास लाख) रूपये की राशि कर्णांकित की गयी है।
• मुख्य सचिवों का पंचम राष्ट्रीय सम्मेलन दिनांक 26-28 दिसम्बर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य थीम – ‘Human Capital for Viksit Bharat’ (Overall Nodal: Department of School Education & Literacy, GoI) था।
• बिहार के नीति निर्माण और निगरानी को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और डेटा-संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, योजना एवं विकास विभाग, बिहार सरकार के मुख्यालय में ‘‘विकसित बिहार स्ट्रेटेजी रूम’’ अधिष्ठापित किया गया है।
• नीति आयोग, भारत सरकार के State Support Mission के प्रावधानों के आलोक में योजना एवं विकास विभाग में State Institution for Transformation (SIT) का गठन किया गया है। इसका मूल उद्देश्य रणनीतिक योजना, नीति निर्माण, निगरानी एवं मूल्यांकन तथा विकास के प्रेरकों की पहचान करने में राज्य की क्षमता को बढ़ाना है।
• योजना एवं विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन गठित स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के कार्य प्रमंडलों में 1298 कनीय अभियंता (असैनिक) के स्वीकृत पदों के विरूद्ध 1160 कनीय अभियंताओं की नियुक्ति की गयी। शेष रिक्त पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
• स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन अंतर्गत 41 सहायक अभियंता (असैनिक) की नियुक्ति की गयी है। सीधी नियुक्ति हेतु रिक्त शेष 41 पदों पर सहायक अभियंता (असैनिक) की नियुक्ति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
• जिला सांख्यिकी पदाधिकारी/सहायक निदेशक के पद पर सीधी भर्ती हेतु कुल 47 पदों पर नियुक्ति के संबंध में बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना प्रेषित की गयी थी। आयोग द्वारा नियोजन हेतु परीक्षा का आयोजन प्रक्रियाधीन है।
• अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा अवर सांख्यिकी पदाधिकारी/प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी के 682 पदों एवं कनीय क्षेत्रीय अन्वेषक के 534 पदों की अधियाचना सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेषित की गई। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा बिहार कर्मचारी चयन आयोग को उक्त पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना भेजी गयी है, जिसके आलोक में बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार, पटना द्वारा नियोजन हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया जा चुका है।
• वाहन चालक के 08 पदों एवं कार्यालय परिचारी के 36 पदों की अधियाचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को प्रेषित की गई है।
• कृषि सांख्यिकी
• कृषि वर्ष 2024-25 अन्तर्गत राज्य में चावल का उत्पादन 9934.02 मिट्रिक टन हुआ जो गत वर्ष की तुलना में 4.32% की वृद्धि के साथ देश में 5वॉ स्थान रहा।
• कृषि वर्ष 2024-25 अन्तर्गत राज्य में मक्का का उत्पादन 6602.96 मिट्रिक टन हुआ जो गत वर्ष की तुलना में 12.58% की वृद्धि के साथ देश में दूसरा स्थान रहा।
• कृषि वर्ष 2024-25 अन्तर्गत राज्य में गेहूँ का उत्पादन 7826.99 मिट्रिक टन हुआ जो गत वर्ष की तुलना में 7.12% की वृद्धि के साथ देश में छठ्ठा स्थान रहा।
• कृषि वर्ष 2024-25 अन्तर्गत राज्य में दलहन का उत्पादन 392.23 मिट्रिक टन हुआ जो गत वर्ष की तुलना में 3.54% की वृद्धि के साथ देश में 11वाँ स्थान रहा।
• सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) – वर्तमान मूल्य पर वर्ष 2024-25 का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में वार्षिक वृद्धि दर 13.09 प्रतिशत है जबकि स्थिर मूल्य (2011-12) पर वार्षिक वृद्धि दर 8.64 प्रतिशत है। वर्तमान मूल्य पर वर्ष 2024-25 का प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद 76,490/-(छिहत्तर हजार चार सौ नब्बे) रूपये जबकि स्थिर मूल्य (2011-12) पर 40,973/- (चालीस हजार नौ सौ तिहत्तर) रूपये है।
• जीवनांक सांख्यिकी:- पूर्व में ग्रामीण स्तर पर जन्म/मृत्यु की घटनाओं का रजिस्ट्रीकरण प्रखंड स्तर पर किया जाता था। वर्तमान में आम नागरिकों की सुविधा हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर रजिस्ट्रीकरण की सुविधा उपलब्ध कराते हुए सभी ग्राम पंचायत में पंचायत सचिवों को रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु) नियुक्त किया गया है। विगत वर्षों में राज्य द्वारा जन्म रजिस्ट्रीकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण में भी इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
• कृषि पदार्थो का थोक मूल्य सूचकांकः- वर्त्तमान वर्ष 2025 में कृषि पदार्थों के थोक मूल्य सूचकांक हेतु मूल्य संग्रहण केन्द्रों की संख्या 51 से बढ़ाकर 101 किया गया है। इस प्रकार वर्त्तमान में राज्य के सभी अनुमंडल में एक मूल्य संग्रहण केन्द्र बनाया गया है। सभी केन्द्रों से प्रत्येक सप्ताह 56 प्रकार के कृषि पदार्थों का थोक एवं खुदरा मूल्य मोबाईल ऐप के माध्यम से प्राप्त किया जाता है। प्राप्त मूल्य के आधार पर प्रत्येक माह कृषि पदार्थों का राज्य स्तरीय थोक मूल्य सूचकांक एवं औसत थोक एवं खुदरा मूल्य प्रतिवेदन तैयार कर केन्द्र एवं राज्य के संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाता है। कृषि पदार्थों के राज्य स्तरीय थोक एवं खुदरा मूल्य का प्रयोग राज्य के सकल घरेलू उत्पाद ज्ञात करने में किया जाता है।
• तदर्थ गणनाः- छठी लघु सिंचाई गणना तथा प्रथम जल निकाय गणना संदर्भ वर्ष 2017-18 के सर्वेक्षित आंकड़ों का भारत सरकार द्वारा अनुमोदनोपरांत पुस्तक का प्रकाशन एवं वितरण किया गया है। भारत सरकार के निदेशानुसार सातवीं लघु सिंचाई गणना, द्वितीय जल निकाय गणना तथा 1st Census of Springs संदर्भ वर्ष 2023-24 क्षेत्रीय गणना के क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण के समापन उपरांत क्षेत्रीय गणना कार्य प्रारंभ है।
• बिहार मौसम सेवा केंद्र की गतिविधियाँ-
• बिहार मौसम सेवा केन्द्र (BMSK½ को मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2021 में योजना एवं विकास विभाग, बिहार सरकार के तहत एक पंजीकृत सोसाईटी के रूप में गठित किया गया है। इसके द्वारा मौसम संबंधित सटीक डाटा एकत्र करने के लिए बिहार राज्य के सभी प्रखंडों में स्वचालित मौसम केन्द्र (AWS) एवं सभी पंचायतों में स्वचालित वर्षामापक यंत्र (ARG) अधिष्ठापित है। स्वचालित मौसम केन्द्र (AWS) द्वारा वर्षा, तापमान, आर्द्रता, हवा की गति एवं दिशा, वायुमंडलीय दाब, सौर विकिरण, मृदा आर्द्रता इत्यादि से संबंधित आँकड़ें प्राप्त किये जाते हैं।
• मौसम संबंधित सूचना, चेतावनी, पूर्वानुमान एवं सलाह सीधे उपयोगकर्ताओं को प्रसारण के लिए GIS से सुसज्जित मौसम डैशबोर्ड www.mausamsewa.bihar.gov.in/weatherdashboard एवं मोबाईल ऐप ‘‘मौसम बिहार’’ को विकसित किया गया है।
• बिहार मौसम सेवा केन्द्र द्वारा “मेघ मित्र” नाम से हेल्प डेस्क तैयार किया गया है, जो कि 24X7 कार्यरत है। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से आमजन को मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है।
• राज्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विभिन्न समारोहों (यथा-सोनपुर मेला, बिहार दिवस के अवसर पर गाँधी मैदान, पटना) में भाग लेकर विविध दृश्य-चित्र (Audio Visual) के माध्यम से विद्यार्थियों, किसानों एवं आमजनों को मौसम से संबंधित जानकारी देकर जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है।
• पटना स्मार्ट सिटी के सहयोग से बिहार मौसम सेवा केन्द्र द्वारा अगले 05 दिनों के लिए पटना शहर का मौसम पूर्वानुमान, शहर के 15 प्रमुख स्थानों पर स्थापित वेरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले (VMD) के माध्यम से प्रकाशित किया जा रहा है।
• राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से बिहार में संभाव्य आपदाओं यथा-अतिवृष्टि, सुखाड़, लू, शीत लहर, कोहरा आदि के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने एवं इससे निपटने हेतु पूर्व चेतावनी/पूर्वानुमान आमजन को समय उपलब्ध कराने हेतु (Multi Hazard Early Warning System) को सुदृढ़ एवं सक्षम बनाने हेतु उत्कृष्ट प्रौद्यौगिकी सहित High Performance Computation Facilities (HPC) का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ DWR (Hybrid Doppler Weather Radars) Network के निर्माण कार्य का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस प्रस्ताव पर सक्षम स्वीकृति की कार्रवाई की जा रही है। प्रथम चरण में पश्चिम चम्पारण तथा भागलपुर जिला में DWR की स्थापना की जायेगी।

• पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार द्वारा राज्य जलवायु परिवर्तन कार्य योजना State Action Plan for Cilmate Change (SAPCC) को पुनरीक्षित करने में बिहार मौसम सेवा केन्द्र योगदान दे रहा है। इस कार्य में “Climate Profile of Bihar” एवं “Extreme Climate Vulnerability” अध्याय तैयार कर SAPCC में शामिल किया है।
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