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पवेलियन में लोग सीख रहे सिक्की कला और मधुबनी पेंटिंग की बारीकियां

- कलाकार सिखा रहे पारंपरिक कला, मिट्टी के बर्तन बनाने में भी दिखा उत्साह

त्रिलोकी नाथ प्रसाद। बिहार दिवस के अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग के पवेलियन में पारंपरिक कलाओं को सीखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। यहां मधुबनी पेंटिंग और सिक्की कला के कलाकार न केवल अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि लोगों को इन पारंपरिक कलाओं की बारीकियां भी सिखा रहे हैं।

पवेलियन में मधुबनी पेंटिंग की कलाकार शिवानी मिश्रा और सिक्की कला के कलाकार आगंतुकों को इस कला की बारीक तकनीक, रंगों के उपयोग, डिजाइन और पारंपरिक शैली के बारे में जानकारी दे रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और महिलाएं इन कलाकारों से सीधे सीख रहे हैं और खुद भी पेंटिंग बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

इसके साथ ही मधुबनी से आए कलाकार राम कुमार पंडित लोगों को मिट्टी से बर्तन और अन्य उपयोगी सामग्री बनाना सिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कल उद्घाटन से लेकर अब तक 500 से अधिक लोग यहां आकर मिट्टी से विभिन्न उत्पाद बना चुके हैं, जिनमें से लगभग 100 उत्पाद पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। लोगों में मिट्टी के बर्तन बनाने को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है, खासकर बच्चों में इसे लेकर विशेष रुचि है।

इस स्टॉल में ‘मेरा नाम जोकर’ के चार्ली चैपलिन की वेशभूषा में कलाकार रजत भी लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। चार्लि चैपलिन के रूप में कलाकार की प्रस्तुति बच्चों और बड़ों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है और लोग उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवा रहे हैं।

पवेलियन में इसके अलावा मधुबनी चित्रकला, टिकुली कला, मंजूषा कला, जूट शिल्प और सुजनी कला के भी स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कलाकार अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन और बिक्री कर रहे हैं। इसके साथ ही वहां क्षेत्रीय भाषा में कलाकार गायन वादन की प्रस्तुति भी दे रहे हैं।

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