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पूर्वी राज्यों में उपभोक्ता संरक्षण पर एक दिवसीय कार्यशाला का पटना में हुआ आयोजन

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/आज दिनांक 13 जनवरी, 2026 को पटना में पूर्वी राज्यों में उपभोक्ता हितो के संरक्षण एवं उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रभावी क्रियान्यवन को लेकर हितधारकों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन उपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकार नई दिल्ली एवं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वधान में किया गया।

कार्यशाला में उपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकार, बिहार सहित, झारखंड, उड़ीसा एवं अन्य राज्यों के पदाधिकारियो के साथ राज्य उपभोक्ता आयोग के माननीय अध्यक्षों एवं सदस्यों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के प्रमुख स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन एवं उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उ‌द्घाटन मुख्य सचिव, बिहार सरकार, श्री प्रत्यय अमृत द्वारा किया गया। इस अवसर पर सचिव, उपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकार श्रीमती निधि खरे, अपर सचिव उपभोक्ता मामले भारत सरकार श्री अनुपम मिश्रा, प्रधान सचिव, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग, उड़ीसा सरकार, श्री संजय कुमार सिंह, सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार श्री अभय कुमार सिंह, सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार, मो० नैय्यर इकबाल, निदेशक-सह-विशेष सचिव, उपभोक्ता संरक्षण निदेशालय, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, सरकार, श्री विभूति रंजन चौधरी, सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

कार्यशाला को सबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा की आम उपभोक्ताओं की हितो की रक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपभोक्ताओ को त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना हम सबो की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए बेहतर समन्वय और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ कार्य करना आवश्यक है।

मुख्य सचिव ने ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता शिकायतो के समयबद्ध एवं प्रभावी निपटारे की सरहना करते हुए इसे डिजिटल नावाचार का उत्कृष्ट उदाहारण बताया। उन्होने कहा की इस प्रकार के कार्यशालाओं का आयोजन भविष्य में भी नियमित अन्तरालों पर किया जाना चाहिए जिससे भारत सरकार एवं विभिन्न राज्यों के बीच आपसी समन्वय सुदृढ़ हो सकेगा तथा उपभोक्ता संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उपभोक्ता मामलें विभाग, भारत सरकार के सचिव श्रीमती निधि खरे ने आज के कार्यशाला में कहा की देश तेज रफ्तार से आर्थिक प्रगति कर रहा है। ऐसे में हमारा दायित्व है कि हम अपने नागरिकों, उपभोक्ताओं की हितो की रक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान करें। अब वर्तमान में उपभोक्ताओं के हितो की रक्षा आधुनिक तकनीको की सहायता से की जा रही है। पिछले आठ महीनों के अन्दर करीब 45 करोड़ रूपयें का रिफन्ड उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया गया है। पहले उपभोक्ताओं के समस्या के समाधान में 67 दिन लगते थे, लेकिन अब यह समय घटकर 21 दिन हो गया है। ई-जागृति के माध्यम से उपभोक्ता मामलों का समाधान अब बेहतर तरीके से किया जाना सम्भव हो सका है।

कार्यक्रम में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह ने इस अवसर पर कहा की उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। विभिन्न प्लेटफॉर्मों यथा सोशल मीडिया आदि का उपयोग कर ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता फैलाना जरूरी है। इस दिशा में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग लगातार कार्य कर रहा है। विभाग द्वारा जल्द ही जिला मुख्यालयों को भी ऑनलाईन के माध्यम से सुनवाई कर जल्द से जल्द मामलों के निपटारे की सुविधा उपलब्ध कराने जा रहा है।

कार्यशाला का मुख्य उदेश्य उपभोक्ता हितों के संरक्षण और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के एक रूप प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना तथा राज्यों के सर्वोतम प्रथाओं का अदान-प्रदान करना था। इससे उपभोक्ताओं के अधिकारो के संरक्षण, शिकायत, निवारण प्रणाली को सुदृढ़ करना एवं उपभोक्ता जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिल सकेगा।

आज के कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में ई-जागृतिः डिजिटल नावाचार के माध्यम से उपभोक्ता न्याय को सुदृढ़ बनाने, डिजिटल बाजारों में डार्क पैटर्न और उपभोक्ता संरक्षण सहित अन्य विषयों पर विषय विशेषज्ञों एवं सचिव, उपभोक्ता मामले विभाग, भारत सरकार, श्रीमती निधि खरे द्वारा विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायी गयी है।

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