ताजा खबर

मैथिली अकादमी को जिंदा करने की माँग, पटना में एकदिवसीय धरना

सरकार सक्षम नहीं तो अकादमी चेतना समिति को सौंपे : डॉ. शिव कुमार मिश्र

त्रिलोकी नाथ प्रसाद।बिहार की संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त भाषा मैथिली के संरक्षण–संवर्धन के लिए गठित मैथिली अकादमी की बदहाल स्थिति के विरोध में रविवार को पटना में चेतना समिति के बैनर तले मिथिला–मैथिली से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मैथिली अकादमी को पुनर्जीवित कर उसका स्वतंत्र और स्वायत्त स्वरूप बहाल करने की माँग की।

धरनार्थियों ने कहा कि वर्ष 1976 में स्वतंत्र स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित मैथिली अकादमी का उद्देश्य मैथिली भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति का संरक्षण, पुस्तकों एवं पत्र–पत्रिकाओं का प्रकाशन तथा साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। लेकिन वर्षों की सरकारी उपेक्षा के कारण आज अकादमी कर्मचारी-विहीन, निष्क्रिय और लगभग अस्तित्वहीन स्थिति में पहुँच चुकी है।
न समिति बनी, न परिषद, न नियुक्तियाँ वक्ताओं ने कहा कि अकादमी के संचालन के लिए कार्य समिति और सामान्य परिषद का स्पष्ट प्रावधान था, जिसमें साहित्यिक संस्थाओं, विश्वविद्यालयों और शिक्षाविदों को शामिल किया जाना था। लेकिन न तो समिति का गठन हो सका और न ही अध्यक्ष, निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति हुई। परिणामस्वरूप अकादमी में रखी पुस्तकों और पांडुलिपियों की देख-रेख करने वाला कोई नहीं है।

गौरवशाली अतीत, उपेक्षित वर्तमानधरना में बताया गया कि मैथिली अकादमी द्वारा प्रकाशित कई पुस्तकें बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में शामिल रही हैं। नियमित पत्रिका प्रकाशन, व्याख्यानमालाएँ, कवि सम्मेलन और पारंपरिक संगीत संरक्षण अकादमी की पहचान रहे हैं। लेकिन आज वही अकादमी अपनी पहचान और अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही है।

सरकार सक्षम नहीं तो अकादमी सौंपे : डॉ. शिव कुमार मिश्रमैथिली अकादमी बचाने हेतु आयोजित इस एकदिवसीय धरना को संबोधित करते हुए मैथिली साहित्य संस्थान के कोषाध्यक्ष डॉ. शिव कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह मैथिली अकादमी की स्थापना के उद्देश्यों को पूरा करना चाहती है या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार मैथिली अकादमी को संचालित करने में सक्षम नहीं है, तो उसे चेतना समिति, पटना को सौंप देना चाहिए, ताकि यह संस्था पूरी तरह समाप्त होने से बच सके।

डॉ. मिश्र ने कहा कि मैथिली भाषा और मैथिली अकादमी की उपेक्षा के लिए जिम्मेदार मैथिल जनप्रतिनिधियों की पहचान आवश्यक है। ऐसे जनप्रतिनिधि जो मिथिला–मैथिली के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन अकादमी के सवाल पर चुप रहते हैं, उनका सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। उन्होंने इसे मैथिली समाज के स्वाभिमान और अस्तित्व से जुड़ा प्रश्न बताया।

सरकार अविलंब हस्तक्षेप करे : विवेकानन्द झा
चेतना समिति के अध्यक्ष श्री विवेकानन्द झा ने कहा कि मैथिली अकादमी केवल एक संस्था नहीं, बल्कि मैथिली समाज की अस्मिता का प्रतीक है। सरकार को अविलंब अकादमी का स्वतंत्र अस्तित्व बहाल करना चाहिए। कर्मचारियों के अभाव में अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तकें आम लोगों को नहीं मिल पा रही हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।आंदोलन की चेतावनीसमिति के उपाध्यक्ष श्री उमेश मिश्र ने कहा कि मैथिली बिहार की संवैधानिक स्वीकृत भाषा है, इसलिए इसका संरक्षण–संवर्धन सरकार का दायित्व है। यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो मैथिली समाज व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
चेतना समिति के सचिव श्री जयदेव मिश्र ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा की जानकारी देते हुए सभी संगठनों से सहयोग की अपील की।

संगठित होने का आह्वान इस मौके पर विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ. बैजनाथ चौधरी ‘बैजू’ ने सभी मैथिली संगठनों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की और कहा कि जायज माँगों की अनदेखी अब नहीं की जा सकती।

ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद इस अवसर पर मिथिला सांस्कृतिक विकास समिति, राजीव नगर के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार झा, श्री संतोष कुमार चौधरी, श्री मोद नारायण चौधरी, वैद्य गणपति नाथ झा, डॉ. अरविन्द झा, श्री मणिकान्त झा, कथाकार अशोक कुमार, श्री किशोर केशव, श्री रतेश्वर झा, प्रभात रंजन, श्री विपेन्द्र झा ‘माधव’ ने भी विचार रखे।

इसके अलावा संयुक्त सचिव श्री दिनेश चंद्र झा, श्री सतीश चंद्र झा, श्री मनोज कुमार झा, श्री श्रीनारायण झा, डॉ. राघव नाथ झा, प्रियंका मिश्र, डॉ. बी. झा मणाल, श्री किशोर चौधरी, श्री शैलेन्द्र मोहन झा, श्री विवेकानन्द ठाकुर, प्रियंवदा, प्रशांत मिश्र, श्रीमती प्रगति सोनी, प्रीति झा सहित बड़ी संख्या में मैथिली भाषा-प्रेमी उपस्थित थे।

धरना स्थल से सरकार को स्पष्ट संदेश दिया गया कि
मैथिली अकादमी को पुनर्जीवित करना अब अनिवार्य है, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!