पटना जी.पी.ओ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर “विशेष विरूपण”विमोचन का कार्यक्रम आयोजित

त्रिलोकी नाथ प्रसाद –
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज पटना जी.पी.ओ में “विशेष विरूपण” के विमोचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राश बिहारी राम ,चीफ पोस्टमास्टर, पटना जी.पी.ओ. द्वारा विशेष विरूपण किया गया I कार्यक्रम में पटना ज़ी.पी.ओ. के डिप्टी चीफ पोस्टमास्टर विजय कुमार भी उपस्थिति थे I
चीफ पोस्टमास्टर श्री राम ने अपने सम्बोधन में बताया कि भारतीय डाक विभाग के अंतर्गत सभी सर्किल के अधीनस्थ 810 प्रधान डाकघरों में भी ““अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” स्मरणोत्सव के शुभ अवसर पर “विशेष विरूपण” के विमोचन के कार्यक्रम का एक साथ आयोजन किया गया है I यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा एक साथ डाक टिकट संग्रह स्मृति होगा I उन्होंने कहा कि डाक विभाग अपने देश के गौरव एवं गाथाओं को डाक टिकटों के रूप में आमजन के समक्ष प्रस्तुत करता है एवं इसे इतिहास के झरोखों में भी संजोता एवं संवारता है I अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हमें अपने आप में शारीरिक एवं बौद्धिक क्षमताओं में वृद्धि के साथ–साथ अपने कर्मो के प्रति जागरूक रखता हैI 7 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर भारतीय डाक ने योग के महत्त्व को जन-जन तक पहुँचाने के लिए “विशेष विरूपण” जारी किया है, जो सभी प्रकार के डाक-पत्रों के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है I
इस कार्यक्रम में कोरोना के अंतर्गत सभी प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए एवं सामाजिक दूरी बनाकर सुचारू रूप से योग का अभ्यास किया गया I आज वितरित होने वाले सभी डाक पत्रों के टिकटों का विरूपण किया गया I यहाँ तक पटना जी.पी.ओ. में बुक होने वाले सभी डाक-पत्रों पर डाक टिकटों का विरूपण किया जा रहा है I
इस कठिन वैश्विक महामारी के दौर में भी पटना जी.पी.ओ. ‘डाक सेवा-जन सेवा’ की भावना के तहत अपने कर्मचारियों / डाकियों के माध्यम से लॉकडाउन के दौरान भी मानवता की सेवा करना जारी रखा I हमारे डाकिया समाज के वंचित समूहों के लाभ के लिए सरकार के उत्पादों एवं सेवाओं को वितरित करते रहे । मेल और डाक वस्तुओं के वितरण के अलावा , वे लोगों के लिए आवश्यक दवाओं, चिकित्सा संस्थान के लिए उपकरण और यहां तक कि जरूरतमंद लोगों को भोजन,राशन और पीपीई किट वितरित करने के साथ-साथ ए०ई०पी०एस (AePS) के तहत नगद राशि का भुगतान ग्राहकों के दरवाजे पर जाकर करते रहे I यह सब संभव तभी हुआ है जब हमारे डाककर्मी अपने आप को शारीरिक रूप से , मानसिक रूप से अपने आप को फिट रखते हुए बौद्धिक क्षमता में इज़ाफा किया है I योग के माध्यम से हीं डाक कर्मी खुद एवं अपने परिवार को स्वस्थ रखते हुए जन सेवा में पूरे लगन के साथ लगे हुए हैं I
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