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पत्रकार से जनसेवक बनने की राह पर सीमा कच्छप, वार्ड 53 से दाखिल किया नामांकन…

रांची// हकीकत नामा दैनिक अख़बार एवं न्यूज़ हंड्रेड लाइव टीवी की रिपोर्टर सीमा कच्छप ने वार्ड संख्या 53 से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन दाखिल करते वक्त उनके चेहरे पर आत्मविश्वास था, लेकिन आंखों में अब भी वही संवेदनशीलता झलक रही थी, जो एक पत्रकार की पहचान होती है। यह सिर्फ एक नामांकन नहीं था। यह उस संघर्ष की शुरुआत थी, जो उन्होंने वर्षों तक दूसरों की आवाज बनकर जिया है।

नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होता है, जो जनता की समस्याओं को निष्पक्ष और बेबाक तरीके से संबंधित पदाधिकारियों तक पहुँचाने का कार्य करता है।उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के दौरान अपने क्षेत्र की जमीनी हकीकत को करीब से देखने का अवसर मिला। कई बार जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने के बावजूद पदाधिकारियों द्वारा टालमटोल की जाती रही, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।

सीमा कच्छप ने बताया कि वार्ड के कई ऐसे इलाके हैं जहाँ नागरिक नगर निगम को पूरा टैक्स देते हैं, लेकिन आज तक बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। कई स्थानों पर लोग अब भी बाँस के खंभों के सहारे अपने घरों तक बिजली की लाइन खींचने को मजबूर हैं। वहीं कई क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स तो लिया जाता है, लेकिन नगर निगम की सरकारी सुविधाएँ वहाँ तक नहीं पहुँच पातीं।

उन्होंने यह भी कहा कि चाहे जनता दरबार हो या खाद आपूर्ति से जुड़ी समस्याएँ, हर मंच पर उन्होंने आवाज़ उठाई, लेकिन अब तक क्षेत्र की मूल समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने विशेष रूप से बसारगढ़ क्षेत्र की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जब चुनाव या मतदान का समय आता है, तब बसारगढ़ को नगर निगम क्षेत्र बताकर शामिल कर लिया जाता है, लेकिन जब बुनियादी सुविधाएँ देने की बात होती है तो उसी क्षेत्र को यह कहकर वंचित कर दिया जाता है कि नगर निगम में अंकित नहीं है।

सीमा कच्छप ने कहा कि नगर निगम के स्तर पर बसारगढ़ को लेकर स्थिति पूरी तरह विरोधाभासी है। एक ओर वोट के समय इसे नगर निगम क्षेत्र माना जाता है, वहीं दूसरी ओर सुविधाओं के सवाल पर यह कह दिया जाता है कि बसारगढ़ नगर निगम की सीमा में अंकित ही नहीं है। इस दोहरे रवैये के कारण वहाँ के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बसारगढ़ सहित पूरे वार्ड की समस्याओं को अब केवल उठाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि समाधान के लिए निर्णय लेने वाली व्यवस्था का हिस्सा बनना ज़रूरी है।इन्हीं सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने निर्णय लिया है कि अब समस्या उठाने की बजाय उस “टेबल” तक पहुँचना ज़रूरी है, जहाँ से फैसले लिए जाते हैं।इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने वार्ड संख्या 53 से चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है।

सीमा कच्छप नै नामांकन के बाद कहा- “आपका आशीर्वाद, मेरा संकल्प-वार्ड 53 के सर्वांगीण विकास के लिए ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करूंगी। पत्रकारिता ने मुझे सच के साय खड़ा रहना सिखाया है वही मूल्य मेरी राजनीति की पहचान होगी।”

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