यूनानी चिकित्सा पद्धति के प्रभावी प्रसार पर जोर: मंगल पांडेय।…
– 11 फरवरी को मनेगा यूनानी दिवस
– उत्कृष्ट कार्य करने वाले यूनानी चिकित्सक व शिक्षकों को किया जाएगा सम्मानित
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा घोषित यूनानी दिवस के अवसर पर 11 फरवरी को राज्य आयुष समिति, स्वास्थ्य विभाग, बिहार द्वारा ज्ञान भवन, पटना में “यूनानी दिवस 2026” का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य यूनानी चिकित्सा पद्धति के वैज्ञानिक पक्ष, उसकी उपयोगिता और जन-स्वास्थ्य में इसकी भूमिका को आमजन तक पहुँचाना है। यूनानी चिकित्सा प्राकृतिक, सुरक्षित और प्रभावी उपचार पद्धति के रूप में आज भी प्रासंगिक है।
यूनानी दिवस 2026 के अवसर पर वैज्ञानिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ यूनानी चिकित्सक अपने शोध और अनुभव साझा करेंगे। साथ ही आम नागरिकों के लिए निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान औषधीय पौधों की प्रदर्शनी एवं वितरण भी किया जाएगा, जिससे लोग पारंपरिक औषधियों के महत्व को समझ सकें। इसके अतिरिक्त राज्य में यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन में विशिष्ट अतिथियों के साथ विभिन्न संस्थानों एवं प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
श्री पांडेय ने कहा कि यूनानी चिकित्सा न केवल रोगों के उपचार में सहायक है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाती है। इस आयोजन से राज्य में आयुष एवं यूनानी चिकित्सा को नई पहचान और गति मिलेगी।

