किशनगंज : जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक आयोजित
बैंकिंग योजनाओं व साख वितरण की गहन समीक्षा, लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश

किशनगंज,10फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी विशाल राज की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग एवं वित्तीय समावेशन योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान साख जमा अनुपात, वार्षिक साख योजना, एमएसएमई, कृषि एवं प्राथमिक क्षेत्र में ऋण वितरण, जीविका समूहों का वित्त पोषण, पीएम रोजगार सृजन योजना, पीएम मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमएफएमई योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एवं प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
एलडीएम द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय तिमाही (दिसंबर 2025) में जिले का साख जमा अनुपात 80.21 प्रतिशत रहा। इस श्रेणी में स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ जबकि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा।
इसी अवधि में वार्षिक साख योजना की उपलब्धि 61.66 प्रतिशत रही, जो राज्य औसत 60.39 प्रतिशत से बेहतर है। इस खंड में आईसीआईसीआई बैंक ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
एमएसएमई, कृषि व प्राथमिक क्षेत्र की स्थिति
एमएसएमई क्षेत्र में लक्ष्य के विरुद्ध जिले की उपलब्धि 50.09 प्रतिशत रही, जिसमें एचडीएफसी बैंक अग्रणी रहा। कृषि खंड में लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि 70.02 प्रतिशत दर्ज की गई, वहीं प्राथमिक क्षेत्र में 58.30 प्रतिशत और गैर-प्राथमिक क्षेत्र में 73.03 प्रतिशत उपलब्धि रही। गैर-प्राथमिक क्षेत्र में इंडियन बैंक का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा।
किसान क्रेडिट कार्ड व जीविका समूह
किसान क्रेडिट कार्ड के क्षेत्र में जिले की उपलब्धि 49.16 प्रतिशत रही। विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 36,146 रुपए कार्ड जारी किए गए, जिनमें से 1,471 कार्ड सक्रिय पाए गए। कमर्शियल बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया का प्रदर्शन बेहतर रहा। जीविका समूहों के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय तिमाही तक कुल 1,454 आवेदनों पर विभिन्न चरणों में 7,727.07 लाख रुपए के ऋण स्वीकृत किए गए।
केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लक्ष्य 71 के विरुद्ध 53 आवेदन स्वीकृत किए गए।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 55,928 ऋण स्वीकृत किए गए, जिनकी कुल राशि 55,230.14 लाख रुपए है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी योजना (PMFME) में लक्ष्य 138 के विरुद्ध 316 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 स्वीकृत और 61 को ऋण वितरण किया गया।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में 1,033 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 314 आवेदनों में 299 लाख रुपए का ऋण वितरित किया गया।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय ऋण चरण में बड़ी संख्या में आवेदनों को स्वीकृति एवं ऋण वितरण किया गया। वहीं, प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत जीवन ज्योति बीमा योजना में 1,36,625, सुरक्षा बीमा योजना में 5,11,056 तथा अटल पेंशन योजना में 99,467 की उपलब्धि दर्ज की गई।
बैंकिंग संरचना व वसूली की स्थिति
जिले में कुल 113 बैंक शाखाएं, 70 एटीएम और 862 ग्राहक सेवा केंद्र संचालित हैं। सर्टिफिकेट वादों की समीक्षा में कुल 7,636 वाद, जिनमें से मात्र 54 निष्पादित एवं 7,582 लंबित पाए गए। सरफेसी वाद शून्य है।
डीएम के सख्त निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी विशाल राज ने सभी बैंक शाखाओं को निर्देश दिया कि आगामी बैठक से पूर्व रजिस्टर-एक्स एवं रजिस्टर-नौ के अंतिम मिलान की तिथि का अद्यतन विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। नीलाम पत्र से संबंधित कार्यवाही में शिथिलता पर डीएम ने कड़ा असंतोष जताते हुए संबंधित बैंक शाखाओं के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी बैंक शाखाओं में आंतरिक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व सभी लक्ष्य पूरे किए जाएं, मार्च माह में कोई भी प्रविष्टि लंबित नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में एडीएम आपदा प्रबंधन मो. उमैर, वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग श्रीति कुमारी, एलडीएम अभिषेक, जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।


