
राँची: आज बुधवार को रांची के रिम्स में साही निकाय की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य की राजकीय स्वास्थ्य व्यवस्था में लगातार सुधार करना है। बैठक में इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई कि रिम्स में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पेशेंट फ्लो मैनेजमेंट को और अधिक बेहतर कैसे किया जाए, ताकि किसी भी मरीज को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आज राज्य की जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ा है। यही कारण है कि इतिहास में पहली बार रिम्स में हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मेरा स्पष्ट उद्देश्य हमेशा यही रहा है कि हर मरीज को बेहतर इलाज मिले और वह स्वस्थ होकर अपने घर लौटे। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है, डॉक्टरों की बहाली की जा रही है, पैथोलॉजी लैब को सशक्त किया जा रहा है, मैनपावर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि मरीजों को आधुनिक, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मैं विपक्ष के सभी नेताओं से विनम्र आग्रह करता हूं कि रिम्स-2 के निर्माण में मुझे सहयोग करने दें। मेरा न कोई निजी स्वार्थ है, न किसी की जमीन पर नजर, और न ही कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा।मेरी केवल एक ही मंशा है—स्वास्थ्य सेवा में पैसों की कमी कभी बाधा न बने। मैं आप सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि रिम्स-2 के निर्माण में सहयोग करें, ताकि हम लाखों लोगों की जान बचा सकें और राज्य की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा सकें। आज स्थिति यह है कि हमारे मरीज इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं—वे भारी रकम खर्च करते हैं, और कई बार इलाज के बावजूद जान नहीं बच पाती। कभी-कभी तो परिजन अपनों का अंतिम संस्कार भी दूसरे राज्यों में करने को मजबूर हो जाते हैं—यह स्थिति अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है। मैं एक बार फिर सभी नेताओं से अपील करता हूं—स्वास्थ्य को राजनीति से ऊपर रखें।
मेरी भावनाओं को समझें
और जनता की जान बचाने के इस मानवीय प्रयास में साथ दें।


