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गृह प्रसव मुक्त पंचायत : सुरक्षित मातृत्व की दिशा में प्रशासन की सख्त पहल

किशनगंज,03जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में गृह प्रसव मुक्त पंचायत की अवधारणा अब केवल स्वास्थ्य लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रतिबद्धता और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक बनती जा रही है। जिलाधिकारी विशाल राज के स्पष्ट दिशा-निर्देश के आलोक में जिले भर में संस्थागत प्रसव को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने हेतु व्यापक एवं सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में शनिवार को ठाकुरगंज सहित जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित कर स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। इस पहल के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि गृह प्रसव की किसी भी स्थिति को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ठाकुरगंज में समन्वय समिति की बैठक, गृह प्रसव मुक्त पंचायत पर विशेष फोकस

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ठाकुरगंज के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी ने की। बैठक में एएनएम, आशा फैसिलिटेटर सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मियों के साथ सभी प्रमुख कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। गृह प्रसव मुक्त पंचायत को केंद्रीय विषय के रूप में रखते हुए निर्देश दिया गया कि प्रत्येक पंचायत में संस्थागत प्रसव को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान व निगरानी पर जोर

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर ने बताया कि बैठक में गर्भवती महिलाओं के अर्ली रजिस्ट्रेशन, नियमित सर्वे, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान एवं प्रसव पूर्व जांच को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष चर्चा हुई। आशा एवं एएनएम को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर पहुंच बनाएं और संस्थागत प्रसव के लाभों के प्रति परिवारों को जागरूक करें।

स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समग्र समीक्षा

बैठक में गृह प्रसव मुक्त पंचायत के साथ-साथ नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) स्क्रीनिंग, टीबी मुक्त पंचायत अभियान तथा नियमित स्वास्थ्य सर्वे की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य के साथ-साथ समुदाय के समग्र स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार तभी संभव है, जब सभी कार्यक्रम समान गंभीरता से जमीनी स्तर पर लागू हों।

बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, सहयोगी संस्था यूनिसेफ एवं डब्ल्यूएचओ के जिला प्रतिनिधि तथा बीएचएम सुनील कुमार की उपस्थिति रही।

प्रशासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई है, ताकि गृह प्रसव मुक्त पंचायत के लक्ष्य की नियमित समीक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव, समय पर पंजीकरण और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका से ही सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है और किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह पहल पंचायत स्तर पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं संस्थागत प्रसव को वास्तविकता में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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