पटना : राज्य स्तरीय संयुक्त PMEGP एवं मार्केटिंग प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ
ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत टूलकिट वितरण, आत्मनिर्भर बिहार की ओर सशक्त कदम

पटना,07फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में राज्य स्तरीय संयुक्त PMEGP एवं मार्केटिंग प्रदर्शनी सह ग्रामोद्योग विकास योजना (GVY) अंतर्गत टूलकिट वितरण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ शनिवार को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुआ। यह आयोजन राज्य में खादी एवं ग्रामोद्योग को नई ऊर्जा देने और ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन जीतन राम मांझी, केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री, भारत सरकार ने किया। इस अवसर पर डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, उद्योग मंत्री, बिहार सरकार, रवि शंकर प्रसाद, सांसद, पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र, अमन समीर, निदेशक (एमएसएमई), उद्योग विभाग, बिहार सरकार तथा डॉ. बिद्या नंद सिंह, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एवं ग्रामोद्योग विकास योजना देश के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के प्रभावी माध्यम हैं। इन योजनाओं के जरिए युवाओं, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़कर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

वहीं उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार, केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में उद्यमिता और औद्योगिक गतिविधियों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। PMEGP एवं ग्रामोद्योग विकास योजना के माध्यम से राज्य के युवाओं और कारीगरों को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। ऐसे आयोजनों से न केवल उत्पादों के विपणन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि लाभार्थियों का आत्मविश्वास भी सुदृढ़ होता है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत वर्चुअल माध्यम से टूलकिट का वितरण किया गया। इसमें-224 लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक पॉटरी व्हील, 60 लाभार्थियों को पाम गुर टूलकिट, 20 लाभार्थियों को ऑटोमैटिक अगरबत्ती मशीन, पेपर/लीफ प्लेट एवं दोना निर्माण मशीन, मोबाइल रिपेयरिंग टूलकिट, तथा 90 लाभार्थियों को कुल 900 मधुमक्खी बक्से (बी-बॉक्स) प्रदान किए गए।


यह राज्य स्तरीय आयोजन खादी एवं ग्रामोद्योग को प्रोत्साहन देने, स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार करने और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम के रूप में माना जा रहा है।



