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फ्लेक्स फ्यूल इंजन (flex-fuel engines) पर होगा शीघ्र फैसला

 

जितेन्द्र कुमार सिन्हा-इथेनॉल, पेट्रोल से कहीं बेहतर ईंधन है और यह कम लागत वाला, प्रदूषण मुक्त और स्वेदशी होगा और यह भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाला कदम होगा। उक्त जानकारी भारत सरकार के सड़क और परिवहन मंत्रालय के सूत्रों ने दी है।

सूत्रों के अनुसार सरकार अगले 8-10 दिनों में फ्लेक्स फ्यूल इंजन (flex-fuel engines) पर बड़ा फैसला ले सकती है। ब्राजील, कनाडा और अमेरिका में ऑटोमोबाइल कंपनियाँ फ्लेक्स फ्यूल ईंधन का उत्पादन कर रही है। इस वैकल्पिक ईंधन की कीमत भारत में 60-62 रुपये प्रति लीटर होगी, जबकि पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से भी ज्यादा है। इसलिए एथेनॉल के इस्तेमाल से देश के लोगों को प्रति लीटर 30-35 रुपये की बचत होगी।

डीजल और पेट्रोल की कीमतों में हो रही दिनोंदिन बढ़ोतरी से चिंतित भारत सरकार पेट्रोल की जगह सस्ता ईंधन एथेनॉल (ethanol) के इस्तेमाल पर गंभीरता से विचार कर रही है और ऐसे इंधन को ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए फ्लेक्स फ्यूल यानि पेट्रोल की जगह एथेनॉल को अनिवार्य बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।

लोगों के लिए यह विकल्प होगा कि वे 100 प्रतिशत पेट्रोल या इथेनॉल में से किसी एक का इस्तेमाल कर सकेंगे। जबकि अन्य देशों के ग्राहकों को 100 प्रतिशत पेट्रोल या 10 प्रतिशत बायो एथनॉल की विकल्प मुहैया करवाया जा रहा है।

मौजूदा वक्त में प्रति लीटर पेट्रोल में 8.5 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है, जो कि 2014 में 1 से 1.5 प्रतिशत हुआ करता था। एथेनॉल की खरीदारी भी 38 करोड़ लीटर से बढ़कर 320 करोड़ लीटर तो पहुंच गया है।

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