किशनगंज : खगड़ा स्थित सम्राट अशोक भवन में फ़ारोग़-ए-उर्दू कार्यशाला, सेमिनार व मुशायरा का आयोजन

किशनगंज,31जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिलाधिकारी विशाल राज के निर्देशानुसार मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में खगड़ा स्थित सम्राट अशोक भवन में जिला स्तरीय फ़ारोग़-ए-उर्दू कार्यशाला, सेमिनार एवं मुशायरा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर समाहर्ता (एडीएम) अमरेन्द्र कुमार पंकज ने की।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अपर समाहर्ता अमरेन्द्र कुमार पंकज, जिला पंचायत राज पदाधिकारी जफर आलम सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। 
उद्घाटन सत्र के पश्चात अतिथियों द्वारा “जिला उर्दू नामा, किशनगंज–2025” नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने उर्दू भाषा की ऐतिहासिक भूमिका, सामाजिक सौहार्द में उसके योगदान तथा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि उर्दू केवल एक भाषा नहीं, बल्कि साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसे संरक्षित और समृद्ध करना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यशाला एवं सेमिनार में जिले के साहित्यकारों, शायरों, शिक्षकों एवं उर्दू प्रेमियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
प्रतिभागियों ने उर्दू भाषा के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी तक इसके प्रभावी प्रसार को लेकर अपने विचार साझा किए। आयोजित मुशायरे में शायरों ने अपने बेहतरीन कलाम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे पूरा वातावरण साहित्यिक रंग में रंग गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथियों ने इस प्रकार के आयोजनों को निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे उर्दू भाषा एवं साहित्य को नई ऊर्जा मिलेगी और इसकी समृद्ध परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचेगी। जिला प्रशासन की ओर से भाषा एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े ऐसे प्रयासों के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
कार्यक्रम में एडीएम (आपदा प्रबंधन), एडीएम (विभागीय जांच), अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार, वरीय उपसमाहर्ता ब्रजेश कुमार, उर्दू अनुवादक असीम अकरम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।



