शहद उत्पादन के गुर सिखे कृषकों ने, कार्यशाला आयोजित

– शहद उत्पादक सहयोग समितियों के कौशल एवं व्यवसाय वृद्धि के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन
– कार्यशाला में समितियों को शहद उत्पाद के गुणवत्ता नियंत्रण और ब्रांडिंग के महत्व से अवगत कराया
– राज्य के लगभग 250 शहद उत्पादक सहयोग समितियों के अध्यक्ष समेत अन्य हुए शामिल
सहकारिता विभाग का उद्देश्य न केवल शहद का उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन के माध्यम से किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है।
-: माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, डॉ० प्रेम कुमार
त्रिलोकी नाथ प्रसाद।शहद उत्पादन करने वाले कृषकों को पटना के दीप नारायण क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें राज्य के प्रखंड स्तरीय प्राथमिक मधुमक्खीपालक, शहद उत्पादक प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के बीच मधुमक्खी पालन के कौशल एवं व्यवसाय वृद्धि से संबंधित जानकारी साझा की गई। इस कार्यशाला में राज्य के लगभग 250 शहद उत्पादक सहयोग समितियों के अध्यक्ष एवं उनसे संबंधित अन्य महत्त्वपूर्ण पद धारक सम्मिलित हुए।
आज की एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का उद्देश्य शहद उत्पादक समितियों के कौशल उन्नयन एवं व्यवसाय विस्तार के साथ क्षमता वर्द्धन करना था। आज की कार्यशाला में शहद उत्पादक सहयोग समिति से संबंधित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन कर सहकारिता विभाग द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं एवं पहलों इत्यादि के बारे में नवीनतम जानकारी उपलब्ध करायी गई।
इस अवसर पर माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग, डॉ० प्रेम कुमार ने कहा कि शहद उत्पादक सहयोग समितियाँ किसानों की आय बढ़ाने का एक मजबूत जरिया है। सहकारिता विभाग का उद्देश्य न केवल शहद का उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन के माध्यम से किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है ताकि आने वाले समय में बिहार शहद उत्पादक के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में उभर सके। सरकार के द्वारा उद्यान निदेशालय के माध्यम से शहद उत्पादकों को जो सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, वे सभी सुविधाएँ इन समितियों को भी फेडरेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
आज की कार्यशाला के प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों की तरफ से शहद उत्पादक सहयोग समितियों के सदस्यों को मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण तकनीक पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समितियों को गुणवत्ता नियंत्रण और ब्रांडिंग के महत्व से भी अवगत कराया गया ताकि बिहार का शहद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना सके। आज के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में शहद उत्पादक समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों को सहकारी अधिनियम / नियमावली / उपविधि के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
आज के कार्यक्रम में निबंधक, सहयोग समितियाँ, श्री रजनीश कुमार सिंह, अपर निबंधक (साख), श्री प्रभात कुमार, अपर निबंधक (प्रशासन), श्री रामनरेश पाण्डेय, अपर निबंधक (न्यायिक), श्री विकास कुमार बरियार, संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण) श्री कामेश्वर ठाकुर, निदेशक, दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान, पटना डॉ के. पी. रंजन सहित सहकारिता विभाग के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।



