किशनगंज : समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने 17 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भवनों का किया शिलान्यास

किशनगंज,11मार्च(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान बुधवार को ठाकुरगंज प्रखंड से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले 17 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भवनों का शिलान्यास किया। इन भवनों के निर्माण पर लगभग 7 करोड़ 28 लाख 28 हजार रुपये की लागत आएगी।
सिविल सर्जन डॉ० राज कुमार चौधरी ने बताया कि इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का निर्माण प्री-फैब्रिकेटेड तकनीक से किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र का निर्मित क्षेत्रफल लगभग 126 वर्गमीटर होगा। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अधिक मजबूत होगी तथा लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
प्रखंडवार इन केंद्रों का निर्माण बहादुरगंज, टेढ़ागाछ, दिघलबैंक, पोठिया, किशनगंज तथा कोचाधामन प्रखंडों में किया जाएगा। बहादुरगंज प्रखंड के बैसारबेल पंचायत, टेढ़ागाछ के निसंद्रा, सहिया और कुदारी पंचायत, दिघलबैंक के कोदेली और बैजनाथ पलसा पंचायत, पोठिया प्रखंड के दहलाबाड़ी, दामलबाड़ी, गनलिपुल, जागीरलच्छ (कोठमारी) और धौबनिया (रायपुर) पंचायत में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। वहीं किशनगंज प्रखंड के छगलिया, मोतीहारा तालुका, पानिसाली, बराडांगी और चकला पंचायत तथा कोचाधामन प्रखंड के मजगामा पंचायत में भी भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निर्माण पर लगभग 42 लाख 84 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि इन केंद्रों के बनने से जिले के ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण तथा गैर संचारी रोगों की जांच जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए दूर स्थित अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति को उसके घर के निकट बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा आम लोगों को समय पर उपचार मिल सकेगा।



