प्रमुख खबरें

*महर्षि वाल्मीकि के विचारों, आदर्शों और जीवन-दर्शन को अपने आचरण में आत्मसात करने की जरूरत: डॉ. प्रेम कुमार*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

माननीय अध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा कि वाल्मीकि कृत रामायण भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं की अमूल्य धरोहर हैं। आदिकवि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित आदिकाल का महान महाकाव्य ‘रामायण’ मानवीय संवेदनाओं, उच्च आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा का जीवंत थाती है। उनकी यह अमर रचना सदियों से संपूर्ण मानवता को सत्य, धर्म, न्याय और नैतिकता के मार्ग पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित करती रही है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प और आत्मिक शुद्धि से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन को उन्नत कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

 

Related Articles

Back to top button