
रांची: झारखंड के हजारीबाग जिले में एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित रूप से हुए बेहद जघन्य अपराध को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में आदित्य साहू ने बताया कि वे पार्टी के अन्य नेताओं के साथ विष्णुगढ़ प्रखंड के कुसुंबा गांव गए थे, जहां पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उनके अनुसार, घटना “हृदय विदारक” और “बेहद अमानवीय” है। उन्होंने दावा किया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई और शव के साथ भी बर्बरता की गई।
इस दौरान उनके साथ सांसद मनीष जायसवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, विधायक नागेंद्र महतो समेत अन्य पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद थे।
प्रशासन और सरकार पर आरोप
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि घटना के कई दिनों बाद भी प्रशासन पीड़ित परिवार तक समय पर नहीं पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि बच्ची के पिता को घर वापस लाने में प्रशासन ने मदद नहीं की, बल्कि पार्टी प्रतिनिधियों ने इसकी व्यवस्था की।
उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस घटना पर संवेदना व्यक्त करने में भी देरी हुई और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
आंदोलन की चेतावनी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो 29 मार्च को हजारीबाग में मशाल जुलूस निकाला जाएगा और 30 मार्च को बंद का आह्वान किया जा सकता है। इसके अलावा, पूरे राज्य में जिला मुख्यालयों पर महिला मोर्चा द्वारा धरना-प्रदर्शन की भी बात कही गई है।
पीड़ित परिवार के लिए मांग
भाजपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि:
दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई हो
पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता दी जाए
परिवार को सुरक्षा और बच्ची के पिता को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए


