नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों से दुबई में बिहार के उत्पादों को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान – अंजुम आरा

मुकेश कुमार/जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि बिहार की समृद्ध कृषि, पारंपरिक खाद्य उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत को अब वैश्विक मंच पर नई पहचान मिल रही है। दुबई में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित गल्फ फूड फेस्टिवल में बिहार के जीआई टैग प्राप्त उत्पाद अपनी विशिष्ट पहचान और गुणवत्ता के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे। यह बिहार के किसानों, कारीगरों और पारंपरिक उद्यमियों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
इस अंतरराष्ट्रीय फूड फेस्टिवल में सिलाव का खाजा, मिथिला मखाना, कतरनी चावल और मर्चा धान को प्रदर्शित किया जाएगा। खास बात यह है कि मिठाइयों की श्रेणी में बिहार से केवल सिलाव के खाजा को ही जीआई टैग प्राप्त है, जिसके कारण इसे विशेष रूप से चयनित किया गया है। इससे स्पष्ट है कि बिहार के पारंपरिक उत्पाद अब गुणवत्ता और पहचान के वैश्विक मानकों पर खरे उतर रहे हैं।
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य जीआई टैग प्राप्त उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी मांग को मजबूत करना है। इससे न केवल बिहार के उत्पादों को नया बाजार मिलेगा, बल्कि इसका सीधा लाभ राज्य के किसानों, कारीगरों और छोटे उत्पादकों तक पहुंचेगा।
यह पहल बिहार की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शाही लीची, जर्दालू आम, कतरनी और मर्चा चावल, मिथिला मखाना, सिलाव का खाजा, मगही पान, भागलपुर सिल्क, मधुबनी पेंटिंग, सुजनी कढ़ाई, सिक्की और मंजूषा कला तथा खटवा कला जैसे जीआई टैग प्राप्त उत्पाद पहले ही बिहार की विशिष्ट पहचान बन चुके हैं। इन उत्पादों के कारण न केवल बाजार मूल्य बढ़ा है, बल्कि परंपरागत हुनर को भी सम्मान और स्थायित्व मिला है।
उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से बिहार के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार नई ऊंचाइयां मिलेंगी। यह सफलता बिहार के आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है, जहां किसान और कारीगर वैश्विक बाजार का हिस्सा बनकर समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे।



