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बिहार बजट है किसान हितैषी, इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती: राम कृपाल यादव

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना होगी प्रारंभ

* बिहार बजट से कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को मिलेगा बढ़ावा, बढ़ेगी किसानों की आय

* बिहार को कृषि स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करेगी सरकार

* वित्तीय वर्ष 2024-25 में हो चुका है करीब 326.62 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन

 

त्रिलोकी नाथ प्रसाद।राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बिहार बजट 2026-27 को कृषि विभाग के दृष्टिकोण से विकासोन्मुख, भविष्योंन्मुखी एवं किसान-हितैषी बताया है। उन्होंने कहा है कि, यह बजट राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। यह युवाओं एवं महिला किसानों के लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन करेगा।

इससे एग्री स्टार्टअप के माध्यम से कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास को नई मजबूती प्राप्त होगी।

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि, राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना प्रारंभ की जाएगी, जिसके अंतर्गत किसानों को प्रतिवर्ष 3,000 रुपये अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। बिहार को कृषि स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने, जीआई टैग प्राप्त उत्पादों के लिए समर्पित बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण हाटों के समग्र विकास के लिए बिहार कृषि एक्सीलेरेशन मिशन के गठन की प्रक्रिया चल रही है। राज्य के 53 कृषि उपज बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण का कार्य प्रगति पर है, जिनमें से 20 बाजार ई-नाम से जुड़ चुके हैं।

 

राज्य में तीन गुना बढ़ चुका है खाद्यान्न उत्पादन

उन्होंने कहा कि, कृषि रोडमैप के प्रभावी कार्यान्वयन के फलस्वरूप वर्ष 2005 से अब तक खाद्यान्न उत्पादन में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम आकलन के अनुसार राज्य में 326.62 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ है, जो अब तक का सर्वाेच्च स्तर है।

वर्ष 2024-25 में बिहार ने मखाना एवं लीची उत्पादन में देश में प्रथम, मक्का में द्वितीय, शहद में चतुर्थ, चावल में पाँचवाँ तथा गेहूँ में छठा स्थान प्राप्त किया है। देश में उत्पादित कुल मखाना का 85 प्रतिशत उत्पादन बिहार में होता है। मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया गया है।

190 मॉडल कृषि गांव विकसित होंगे

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए डिजिटल कृषि निदेशालय का गठन कर एकीकृत डेटाबेस प्रबंधन को सुदृढ़ किया गया है। राज्य के सभी 38 जिलों में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत 190 मॉडल कृषि गांव विकसित किए जा रहे हैं।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत 3 लाख मिट्टी नमूनों का विश्लेषण किया गया है तथा 32 अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है तथा एआई युक्त यांत्रिक कृषि मिशन के गठन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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