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रमजान नदी के सौंदर्याकरण कार्य ने पकड़ी रफ्तार, अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज

किशनगंज,19फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली रमजान नदी के सौंदर्याकरण एवं संरक्षण का कार्य अब तेजी से आगे बढ़ने लगा है। नगर परिषद क्षेत्र के बीच से गुजरने वाली इस नदी को उसके प्राकृतिक स्वरूप में पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्तारण विभाग द्वारा करीब 9 करोड़ 87 लाख रुपये की महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य किया जा रहा है।

परियोजना के तहत ढेकसरा पुल से मझिया पुल तक लगभग 9.5 किलोमीटर लंबाई में नदी की गाद उड़ाही, चैनलाइजेशन तथा सर्विस रोड निर्माण का काम युद्धस्तर पर जारी है। योजना के अंतर्गत नदी के एक किनारे 6 फीट चौड़ी फेबर ब्लॉक सर्विस रोड बनाई जा रही है, जो सुबह-शाम टहलने, साइकिल एवं मोटरसाइकिल आवागमन के लिए उपयोगी होगी। इससे एक ओर शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, वहीं नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह को भी बहाल करने में मदद मिलेगी।

परियोजना में छठ घाट, फुटपाथ तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है, जिससे नदी किनारे का क्षेत्र आकर्षक और उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।

हाल ही में जिलाधिकारी विशाल राज ने खगड़ा क्षेत्र में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित दौरे को देखते हुए सभी निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इधर, नदी किनारे बसे रोल बाग, डुमरिया, चूड़ी पट्टी और धोबी पट्टी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। प्रशासन द्वारा नदी की सीमा में आने वाले भवनों को चिन्हित किया जा रहा है तथा नापी का कार्य शुरू हो चुका है।

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकारी भूमि पर बने सभी अतिक्रमणों को नोटिस जारी कर हटाया जाएगा। प्रभावित लोगों को निर्माण हटाने के लिए निर्धारित समय दिया जाएगा, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, संभावित ध्वस्तीकरण को लेकर स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है। कई परिवारों ने मुआवजा अथवा पुनर्वास की मांग उठाई है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं ने भी रमजान नदी को अतिक्रमण मुक्त कर उसकी पुरानी पहचान बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औपचारिक घोषणा के बाद बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है।

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