BAU Ranchi : 12वां मैत्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, राज्य के 468 लोगों को मिला कृत्रिम गर्भाधान से स्वरोजगार का प्रशिक्षण
12वें बैच में रांची के 4, बोकारो के 1, दुमका के 9, पूर्वी सिंहभूम के 4 एवं गुमला के 4 सहित कुल 22 युवक युवतियों ने एक महीने का व्यावहारिक प्रशिक्षण हासिल किया
रांची : बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी रांची (Birsa Agriculture University Ranchi) अंतर्गत रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय में केंद्र प्रायोजित गोकुल मिशन योजना के अधीन राज्य के बेरोजगार युवक युवतियों के लिए आयोजित 12वां मैत्री प्रशिक्षण का समापन हो गया। समापन समारोह में डीन वेटनरी डा. सुशील प्रसाद बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। डा. सुशील प्रसाद ने प्रशिक्षणार्थियों से एक महीने के दौरान मिली जानकारियों से संबंधित सवाल पूछे और उनके अनुभवों से काफी संतुष्ट दिखे। मौके पर उन्होंने झारखंड राज्य में पशुधन की स्थिति एवं पशुधन से लाभ के अलावे कृत्रिम गर्भाधान से पशुधन विकास की जानकारी दी। कहा कि अब सभी प्रशिक्षणार्थियों को दो महीने तक अपने जिला के अस्पताल में पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान (एआइ) के कार्यों में व्यावहारिक अनुभव से महारत हासिल करनी होगी। सभी पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान कार्य को ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार के रूप में आसानी से अपना सकेंगे। मौके पर उन्होंने 12वां मैत्री प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी 22 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया।
प्रशिक्षण प्रभारी डा. आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि अब तक गोकुल मिशन योजना के अधीन आयोजित 12 कार्यक्रमों से 468 युवक युवतियां लाभान्वित हुए हैं। एक महीने के प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, टीकाकरण, पशु आहार, राशन बैलेंसिंग, पशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण की विस्तृत व्यावहारिक जानकारी दी गई। सभी प्रतिभागी काफी जागरूक और लगनशील हैं, जिन्हें डा. पंकज कुमार ने महाविद्यालय के गोवंश फार्म में काफी अच्छी तरह से प्रशिक्षण विषय पर व्यावहारिक जानकारी प्रदान की। इस 12वें बैच में रांची के 4, बोकारो के 1, दुमका के 9, पूर्वी सिंहभूम के 4 एवं गुमला के 4 सहित कुल 22 युवक युवतियों ने एक महीने का व्यावहारिक प्रशिक्षण हासिल किया।