अररिया: प्रभारी मंत्री ने 77 अभ्यर्थियों को सौंपा नियुक्ति पत्र, जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक भी संपन्न
शिक्षा विभाग में अनुकंपा के आधार पर हुई नियुक्तियां, योजनाओं की समीक्षा में दिए अहम निर्देश

अररिया,30अगस्त(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह/अब्दुल कैय्युम, समाहरणालय स्थित परमान सभागार में शनिवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार के उद्योग विभाग के मंत्री एवं अररिया जिले के प्रभारी मंत्री नितीश मिश्रा की अध्यक्षता में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह तथा जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई।कार्यक्रम की शुरुआत में जिलाधिकारी अनिल कुमार द्वारा मंत्री का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। इसके उपरांत शिक्षा विभाग में अनुकंपा के आधार पर चयनित 73 विद्यालय लिपिक एवं 4 विद्यालय परिचारी, कुल 77 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल, अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक जयप्रकाश यादव, जिला परिषद अध्यक्ष आफताब अजीम पप्पू, पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार, उपाध्यक्ष जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति आशीष पटेल, आदित्य नारायण झा, समिति के अन्य सदस्यगण तथा सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद अभ्यर्थियों के चेहरों पर उत्साह और संतोष की झलक दिखी। उन्होंने सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट करते हुए इसे अपने जीवन की दिशा बदलने वाला अवसर बताया। प्रभारी मंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
नियुक्ति पत्र वितरण के उपरांत परमान सभागार में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में गत बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को सभी प्रचलित योजनाओं की सतत निगरानी, त्रुटियों की पहचान और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा विभिन्न विभागीय मामलों पर सुझाव दिए गए, जिन पर प्रभारी मंत्री ने संज्ञान लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया।
बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक सहित सभी विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम जिले में सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है।