किसी पुलिसकर्मी की ड्यूटी के दौरान हादसा में मौत पर मिलेगा 1.50 करोड़ का बीमा लाभ

– कुछ महीने पहले पटना के अटल पथ पर ड्यूटी करते हुए एक हादसा में हो गई थी महिला सिपाही की मौत
– डेढ़ करोड़ रुपये की बीमा राशि का लाभ पाने वाली इस महिला सिपाही का मामला पुलिस महकमा में पहला
त्रिलोकी नाथ प्रसाद /बिहार में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी के दौरान हादसा में मौत होने पर 1.50 करोड़ रुपये बीमा का लाभ मिलेगा। हाल में पुलिस महकमा के सभी रैंक के कर्मियों के वेतन पैकेज का प्रबंध बैंक ऑफ बड़ौदा से किया गया है, जिसमें ड्यूटी के दौरान किसी हादसे या दुर्घटना में मौत होने पर डेढ़ करोड़ रुपये बीमा समाहित है। सभी पुलिसकर्मियों का सैलरी एकाउंट भी इस बैंक में स्थानांतरित किया गया है। ताकि इस तरह के अन्य लाभ उन्हें मिल सके। संबंधित पुलिस कर्मी की मौत होने पर यह राशि उसके परिजनों को दी जाती है। यह जानकारी एडीजी (बजट, अपील एवं कल्याण) डॉ. कमल किशोर सिंह ने दी। पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में इसे लेकर उन्होंने विस्तृत जानकारी दी।
एडीजी ने कहा कि पटना के अटल पथ पर कुछ महीने पहले वाहन चेकिंग के दौरान एक गाड़ी ने महिला सिपाही को कुचल दिया था। बुरी तरह से जख्मी इस सिपाही की मौत इलाज के दौरान हो गई थी। इसे डेढ़ करोड़ रुपये का बीमा लाभ दिया जा रहा है। इस नई सुविधा के अंतर्गत लाभ पाने वाली यह पहली पुलिस कर्मी है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर से दी जाने वाली अनुग्रह राशि, किसी आश्रित परिजन को नौकरी समेत अन्य सुविधाओं के अतिरिक्त दी जाती है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह पुलिस कर्मियों के लिए सरकारी सुविधाओं के अतिरिक्त महकमा के स्तर से परोपरकारी कोष, शिक्षा कोष और स्वास्थ्य कोष का गठन करके रखा गया है। इससे समय-समय पर जरूरतमंद पुलिस कर्मियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। परोपकारी कोष से 53 लोगों को 6.84 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। शिक्षा कोष से अब पुलिसकर्मी के बच्चों को पीजी स्तर तक की शिक्षा के लिए सहायता मिलेगी। पहले ग्रेजुएट स्तर तक के लिए ही सहायता दी जाती है।
पुलिस सहायता कल्याण कोष से असमय मृत्यु होने पर संबंधित पुलिस कर्मी के परिजनों को सालाना 24 हजार रुपये दी जाती है। इस वर्ष 83 लोगों को 32 लाख रुपये की राशि दी जा रही है। 1300 ऐसे लोगों को सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मेतिहारी में 2009 में ट्रैफिक सिपाही मारगेट हंसदा की मौत हो गई थी। अब उसकी पुत्री को अनुकंपा पर नौकरी दी जा रही है।