झारखण्डराजनीति

झारखंड बीजेपी में संगठनात्मक चुनाव में आदित्य साहू बने प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय परिषद के लिए 21 नव निर्वाचित सदस्यों के की नामों की हुई घोषणा

रांची 14 जनवरी 2026: आज झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जिसमें आदित्य साहू को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया साथ ही राष्ट्रीय परिषद के 21 नवनिर्वाचित सदस्यों के भी नाम की घोषणा की गई l इस उपलक्ष्य में रांची के कार्निवल  बैंक्वट हाल में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था।

आदित्य साहू पहले पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद है, निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए  उम्मीदवार रहे। प्रदेश अध्यक्ष के लिए सिर्फ उन्होंने ही  नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसके बाद उन्हें निर्विरोध रूप से प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया। भाजपा के केंद्रीय चुनाव पदाधिकारी और संगठन प्रभारी, केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने उनके नाम को औपचारिक रूप से स्वीकृति दी। आदित्य साहू ने अपनी राजनीतिक यात्रा 1980 में बूथ-स्तर के कार्यकर्ता के रूप में शुरू की थी और दशकों से पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में सक्रिय भूमिका निभाई है। राज्यसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने पार्टी को मजबूती देने का कार्य किया है। पार्टी संगठन की मजबूती, बूथ-स्तर से जुड़ी कार्यशैली और आगामी चुनावों के लिए एक व्यवस्थित रणनीति करने में उनकी अहम भूमिका रहेगी।

पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के लिए झारखंड से कुल 21 नामांकन दर्ज हुए।  राष्ट्रीय परिषद भाजपा के संगठनात्मक ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें राज्य-स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल होते हैं और यह पार्टी की नीतियों तथा चुनावी रणनीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। झारखंड से जिन नेताओं ने राष्ट्रीय परिषद सदस्य के लिए नामांकन किया, उनमें कई पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद और वरिष्ठ संगठनकर्ता शामिल हैं। जिनमें कड़िया मुंडा, अर्जुन मुंडा समीर उराँव, यदुनाथ पांडेय, चंपई सोरेन, संजय सेठ,रघुवर दास, दिनेशानंद गोस्वामी, मधु कोड़ा, पशुपति नाथ सिंह, रविन्द्र कुमार राय, अमर कुमार बाउरी, नीलकंठ सिंह मुंडा, भानुप्रताप शाही, जीतू चरण राम, अभयकांत प्रसाद, प्रदीप वर्मा, अनंत ओझा, दीपक प्रकाश, अन्नपूर्णा देवी , गीता कोड़ा है।

यह संगठनात्मक चुनाव भाजपा के लिए झारखंड में पार्टी की संगठित रूप से मजबूती को बढ़ावा देने और आगामी चुनाव में रणनीति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नए नेतृत्व के साथ पार्टी राज्य में अपनी कार्ययोजना और चुनावी तैयारी को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।

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