किशनगंज : महानंदा नदी से हो रहे कटाव का पूर्व विधायक ने लिया जायजा, कहा-बलियाडांगा और मनझोक गांव के खेतिहर जमीन सहित मकानों के नदी में विलीन होने का खतरा बन सकता है..

प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत दौला पंचायत के बलियाडांगा और मनझोक गांव के महानंदा की तेज धारा के कारण कटाव हो रहा है। आने वाले महीनों में बारिश होने से नदी का जल सतर बढ़ जाएगा। साथ ही इन दोनों गांव की खेतिहर जमीन सहित मकानों के नदी में विलीन होने का खतरा बन सकता है:-मुजाहिद आलम जदयू प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक कोचाधामन।


किशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह, प्रखंड मुख्यालय अंतर्गत दौला पंचायत के बलियाडांगा और मनझोक गांव के महानंदा की तेज धारा के कारण कटाव हो रहा है। आने वाले महीनों में बारिश होने से नदी का जल सतर बढ़ जाएगा। साथ ही इन दोनों गांव की खेतिहर जमीन सहित मकानों के नदी में विलीन होने का खतरा बन सकता है। यह बातें शनिवार को जदयू प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने नदी कटाव का निरीक्षण करने के बाद कही।उन्होंने कहा कि पिछले साल अक्टूबर में आए बाढ़ के कारण महानंदा नदी की धारा बदल जाने के कारण प्रधानमंत्री सड़क, जीटीएसएनवाइ सड़क का एक बड़ा भाग नदी में विलीन हो गया है। साथ ही बलियाडांगा गांव में सरकारी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र सहित लगभग दो सौ महादलित एवं आदिवासी परिवारों का घर भी नदी के जलधारा की भेंट चढ़ चुका है। तत्काल महानंदा नदी की धारा को पायलट चैनल बनाकर सीधा नहीं किया गया तो पूरे मंझोक गांव को नदी में विलीन हो जाने का खतरा बना हुआ है। नदी कटाव से विस्थापित परिवार अभी भी अस्थाई रूप से सड़क किनारे रह रहे हैं। इस संबंध में जल संसाधन विभाग कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से बात हुई। पायलट चैनल निर्माण के लिए विभाग को योजना भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के उपरांत आगे की कार्रवाई किए जाएंगे। पूर्व विधायक श्री आलम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि नदी कटाव से गांव को बचाने के लिए अपने स्तर से लगातार पहल कर रहा हूं। वहीं अंचलाधिकारी ने बताया कि नदी कटाव से विस्थापित परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई चल रही है।


