किशनगंज : दिशा बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, गुणवत्ता व पारदर्शिता पर जोर

किशनगंज,21फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिला परिषद स्थित मची सभागार भवन में शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने की, जबकि बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक में जिले के समग्र विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आईसीडीएस, बुडको, स्वास्थ्य, शिक्षा, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), खनन, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, विद्युत, नगर निकाय, पीएचईडी, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग, राजस्व, लघु सिंचाई, सहकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग सहित कई योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
जनप्रतिनिधियों ने उठाए क्षेत्रीय मुद्दे
बैठक में उपस्थित विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जर्जर सड़कों की स्थिति, टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी तथा दोषी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग प्रमुख रूप से सामने आई। आईसीडीएस पोठिया से संबंधित शिकायतों की जांच, छतरगाछ में निर्माणाधीन अस्पताल में उपयोग हो रही स्थानीय बालू की गुणवत्ता जांच, अवैध स्कूलों की जांच एवं अल्पसंख्यक छात्रावासों के रखरखाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर
सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में व्यापक कार्य हुए हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता से जिले की छवि प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की नियमित जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यों में गति लाई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में रिक्त चिकित्सक पदों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। टप्पू-दिघलबैंक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास निजी अस्पतालों द्वारा कथित अवैध रेफरल की शिकायत पर जिला प्रशासन ने जांच टीम गठित किए जाने की जानकारी दी।
कैंसर मामलों व पेयजल गुणवत्ता पर चिंता
जिले में बढ़ते कैंसर मामलों को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने प्रधान सचिव स्तर से जांच टीम भेजने की जानकारी दी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग एवं पीएचईडी की संयुक्त टीम गठित कर विभिन्न क्षेत्रों से पेयजल के नमूने लेने का निर्देश दिया गया। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई, कटावरोधी कार्य, बॉर्डर पिचिंग तथा रमजान नदी के सुंदरीकरण एवं अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए।
गुणवत्ता से समझौता नहीं: मंत्री
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि मानक के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। आईसीडीएस की समीक्षा में उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब तक 86 लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है और सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है।
नल-जल योजना में पीले पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने 24 घंटे के भीतर कारण स्पष्ट करने तथा एक सप्ताह में समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
नियमित होगी दिशा बैठक
बैठक के अंत में सांसद ने कहा कि दिशा बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने औद्योगिक विकास, इंडस्ट्रियल हब में स्थानीय लोगों को रोजगार, भूमि के दुरुपयोग पर रोक एवं प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में जिलाधिकारी विशाल राज, एडीएम अमरेन्द्र कुमार पंकज, डीडीसी प्रदीप कुमार झा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी जफर आलम, अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार, जिला योजना पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कुंदन कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



