*गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत राज्य के 324 किसानों को मिली यंत्र खरीदने की परमिट*
*- तीन सौ से अधिक गन्ना किसानों ने क्रय किए यंत्र*
*- यंत्रों की खरीद के लिए राज्य के कई चीनी मिलों में लगाए गए थे कैंप*
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/गन्ना उद्योग विभाग द्वारा संचालित गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत राज्य के 324 किसानों को यंत्र खरीदने के लिए परमिट जारी किया गया है। जिसमें अभी तक 300 से अधिक गन्ना किसानों ने खेत की तैयारी से लेकर फसल की कटाई में उपयोग होने वाले यंत्रों की खरीद की है। इन यंत्रों पर राज्य सरकार द्वारा किसानों को 50 से 60 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा।
विदित हो कि राज्य सरकार के आदेश पर गन्ना उद्योग विभाग ने गन्ना की खेती करने वाले किसानों के लिए गन्ना यंत्रीकरण योजना शुरू की है। इस योजना के तहत राज्य सरकार गन्ना की खेती में लगने वाले 11 प्रकार के यंत्रों को खरीदने के लिए किसानों को अनुदान देती है। विभाग के अनुसार गन्ना की खेती करने के लिए खेत की तैयारी से लेकर गन्ने की कटाई के दौरान तक विभिन्न यंत्रों जैसे – डिस्क हैरो, पावर वीडर, पावर टीलर, लैंड लेवलर, लेजर लेवलर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस, रोटावेटर, मिनी ट्रैक्टर (4डब्लूडी), ट्रैक्टर माउंटेड हाइड्रॉलिक स्प्रेयर, शुगरकेन कटर प्लांटर एवं हाइड्रॉलिक डिस्क हैरो आदि यंत्रों की जरूरत पड़ती है। गन्ना की खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने इस योजना को लागू किया है। ताकि किसान अनुदानित दर पर इन आधुनिक यंत्रों की खरीद कर गन्ने की खेती बेहतर तरीके से कर सकें।
बताया जाता है कि इस योजना के तहत गन्ना उद्योग विभाग ने चतुर्थ रैंडमाइजेशन में राज्य के कुल 324 किसानों को परमिट जारी किया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ रैंडमाइजेशन में चयनीत किसानों ने अब तक 300 से अधिक यंत्रों की खरीद की है। इसके लिए 5 और 6 फरवरी को बगहा चीनी मिल, लौरिया, मझौलिया, नरकटियागंज तथा हरिनगर चीनी मिल में यंत्रीकरण कैंप लगाए गए थे। इसके बाद 9 और 10 फरवरी को सुगौली चीनी मिल, सिधवलिया, विष्णु एवं प्रतापपुर चीनी मिल, 11 और 12 फरवरी को समस्तीपुर जिले के हसनपुर चीनी मिल तथा 13 और 14 फरवरी को सीतामढ़ी जिले के रीगा चीनी मिल में यंत्रीकरण कैंप आयोजित किए गए थे, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने विभिन्न यंत्रों की अग्रिम बुकिंग एवं क्रय किया। विभागीय अधिकारी के अनुसार निर्गत परमिट के आधार पर 24 फरवरी 2026 तक यंत्र क्रय की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके लिए आगे भी यंत्रीकरण कैंप आयोजित किए जाएंगे।


