राज्य

*रबी सीजन में सख्त निगरानी, 47 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी।…*

*उर्वरक वितरण पर कड़ी निगरानी, 124 प्रतिष्ठानों का प्राधिकार पत्र रद्द

*राज्य के किसी भी जिले में उर्वरक की कमी नहीं: कृषि मंत्री राम कृपाल यादव

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/ राम कृपाल यादव, माननीय मंत्री, कृषि विभाग, बिहार ने स्पष्ट किया है कि राज्य के किसी भी जिले में वर्तमान में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि आज दिनांक 10.02.2026 को राज्य में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है, जिससे रबी फसलों की खेती निर्बाध रूप से की जा रही है।
माननीय मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में इस समय 1.60 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.45 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.06 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.43 लाख मीट्रिक टन एमओपी तथा 1.05 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का भंडारण उपलब्ध है। यह उपलब्धता किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त है और उर्वरकों की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुचारू रूप से कार्य कर रही है।

माननीय मंत्री ने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री को रोकने के लिए कृषि विभाग द्वारा सख्त निगरानी रखी जा रही है। इस उद्देश्य से राज्य भर में लगातार छापामारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रबी 2025-26 में दिनांक 10.02.2026 तक अनियमितताओं के विरुद्ध 47 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 124 उर्वरक प्रतिष्ठानों का उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किया गया है।

उर्वरक की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर नियंत्रण हेतु मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है, जो प्राप्त शिकायतों के आधार पर निरंतर छापामारी कर रहा है। राज्य में उर्वरक की कालाबाजारी अथवा जमाखोरी से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
माननीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंडवार उर्वरक का उप-आवंटन किसानों की आवश्यकता एवं आच्छादन के अनुरूप किया जाए। साथ ही, उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रदर्शित स्टॉक एवं भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक की मात्रा का नियमित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिले में उर्वरक की कालाबाजारी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री को रोकने के लिए कृषि विभाग के पदाधिकारियों का जाँच दल गठित कर नियमित रूप से उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं छापामारी की जा रही है।। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में विशेष छापामारी दल गठित कर सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए उर्वरक की तस्करी पर प्रभावी रोक लागई जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उर्वरक कंपनियों द्वारा खुदरा विक्रेताओं पर अनुदानित उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग कर बिक्री करने का दबाव बनाया जाना गंभीर अनियमितता है, जो प्रचलित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। राज्य सरकार द्वारा लागू जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कृषि विभाग ने इस प्रकार की टैगिंग प्रथा पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है।
माननीय मंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि यूरिया, डीएपी, एनपीके एवं एमओपी जैसे अनुदानित उर्वरकों के साथ किसी भी प्रकार के अन्य उत्पाद की जबरन टैगिंग पूरी तरह अनुचित है और यह नियमों के विरुद्ध है। इस तरह की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इस व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित उर्वरक कंपनियों एवं विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

माननीय मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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