किशनगंज : मनरेगा का रूपांतरण ‘विकसित भारत जी-राम जी योजना’ के रूप में, अब मिलेंगे 125 दिन रोजगार : डीएम

किशनगंज,10फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, मनरेगा योजना का रूपांतरण अब ‘विकसित भारत जी-राम जी योजना’ के रूप में किया गया है, जिसके तहत ग्रामीणों को अब 100 के स्थान पर 125 दिन का रोजगार मिलेगा। यह जानकारी जिलाधिकारी विशाल राज ने मंगलवार को समाहरणालय स्तिथ सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी।
डीएम ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक प्रशासनिक सशक्तीकरण किया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राउंड लेवल पर वास्तविक रोजगार सृजन सुनिश्चित करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में काम की निरंतरता बनी रहे और पलायन पर रोक लगे।
डीएम श्री राज ने कहा कि योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल एवं डैशबोर्ड आधारित निगरानी प्रणाली तथा साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही सामाजिक अंकेक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है, तो लोकपाल के माध्यम से जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
प्रेसवार्ता में डीएम ने किसानों से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में किसानों के पंजीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक करीब 90 हजार किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। इस उपलब्धि के साथ किशनगंज जिला राज्य स्तर पर तीसरे स्थान पर है। पंजीकृत किसानों को चिन्हित कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
इस अवसर पर डीडीसी प्रदीप झा ने कहा कि योजना को इस प्रकार विकसित किया जा रहा है कि लाभुक स्वतः रोजगार की ओर उन्मुख हों। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में ट्रांसपेरेंसी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर और सही लाभ मिल सके।
प्रेसवार्ता के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया कि रोजगार सृजन और किसानों के हित से जुड़ी योजनाओं में अब परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति को प्राथमिकता दी जा रही है।


