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हार का जश्न या भगदड़ का डर? पार्टी में अंदरूनी असंतोष पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा राजद – मनीष यादव

मुकेश कुमार/जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री मनीष यादव ने मीडिया में जारी बयान में आरजेडी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बीच राजद कार्यालय में आयोजित भव्य स्वागत एवं उत्सव कार्यक्रम वस्तुतः उपलब्धियों का जश्न नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और संभावित भगदड़ को रोकने का एक राजनीतिक नाटक है।

जिनके नेतृत्व में महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा, आज उन्हीं का राजद कार्यालय में भव्य स्वागत किया जा रहा है। नैतिकता और सिद्धांतों की राजनीति का दावा करने वालों को हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ना चाहिए था, किंतु इसके विपरीत हार के बाद भी नए पदों का वितरण और उत्सव मनाया जा रहा है। यह जनता की भावनाओं का अनादर है।

उन्होंने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि राजद की राजनीति का केंद्र हमेशा एक ही परिवार रहा है। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के मामलों में घिरने के बाद राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाना और पार्टी गठन से अब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर एक ही परिवार का वर्चस्व बने रहना यह सब पार्टी के अंदर लोकतांत्रिक परंपराओं की वास्तविकता को उजागर करता है।

आरजेडी में तेजस्वी यादव से अधिक अनुभवी, मेहनती और वरिष्ठ नेता मौजूद हैं, लेकिन नेतृत्व बार-बार परिवार तक सीमित रखा जाता है। इससे स्पष्ट है कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव है और निर्णय प्रक्रिया कुछ लोगों तक ही सिमट कर रह गई है।

उन्होंने कहा कि आरजेडी कार्यालय में मनाया जा रहा यह जश्न किसी उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की हताशा को ढकने और संभावित टूट-फूट को रोकने का प्रयास है। बिहार की जागरूक जनता परिवारवाद और अवसरवादी राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है और समय आने पर इसका उचित जवाब देगी।

 

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