सुशासन माॅडल नीतीश सरकार की यूएसपी, तेजस्वी को लाॅ-एंड-आॅर्डर पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं – उमेश सिंह कुशवाहा

मुकेश कुमार।बिहार जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने गुरुवार को जारी अपने बयान में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि जिनके माता-पिता के शासनकाल में पूरा प्रदेश भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को विवश था, माताएं-बहनें सत्ता-पोषित अपराधियों के डर से घर की चैखट पार नहीं करती थीं, जातीय नरसंहारों से पूरा प्रदेश रक्तरंजित था और अपहरण व फिरौती के आतंक के कारण डाॅक्टर, इंजीनियर सहित अनेक संभ्रांत पेशेवर वर्ग के लोग अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए पलायन करने को मजबूर थे। सूबे की जनता वह दौर कभी नहीं भूल सकती, जब मुख्यमंत्री आवास में अपहरण की डील और फिरौती की रकम तय होती थी। उन्हें आज लाॅ-एंड-आॅर्डर के मुद्दे पर नीतीश सरकार को नसीहत देने से पहले अपने अतीत के काले अध्यायों को पलटकर देखना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि मा0 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2005 से ही राज्य सरकार ने अपराध के विरुद्ध ‘जीरो टाॅलरेंस’ की नीति को पूरी सख्ती के साथ लागू किया है। सुशासन की इस नीति के तहत कानून का राज स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है, जिसमें अपराधी की पहचान या प्रभाव की परवाह किए बिना उसके विरुद्ध त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इसके विपरीत, लालू-राबड़ी के शासनकाल का इतिहास अपराधियों को संरक्षण देने और आपराधिक मामलों की लीपापोती करने का रहा है।
श्री कुशवाहा ने कहा कि श्री नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज के काले दौर से निकालकर सुशासन का एक अनुकरणीय माॅडल प्रस्तुत किया है, जिसकी सराहना केवल देश में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में होती है। यही कारण है कि हमारे नेता के प्रति जनता का विश्वास अडिग और अटूट बना हुआ है। चूंकि तेजस्वी यादव बिहार को नकारात्मक राजनीतिक चश्मे से देखते हैं, इसलिए उन्हें राज्य में हुए परिवर्तन दिखाई नहीं देते। उन्हें बिहार को बेहतर ढंग से समझने के लिए अपना राजनीतिक चश्मा और सोच, दोनों बदलने की आवश्यकता है।



