तकनीक आधारित प्रशिक्षण से किसानों को सशक्त बना रही है राज्य सरकार : कृषि मंत्री
किसानों के व्यापक प्रशिक्षण से कृषि क्रांति की दिशा में सशक्त कदम
प्रशिक्षण आधारित क्षमता विकास से कृषि क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन
किसानों के कौशल संवर्धन से कृषि में परिवर्तनकारी पहल:- राम कृपाल यादव
माननीय कृषि मंत्री, बिहार सरकार श्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित कृषि से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के विभिन्न जिलों में नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों का तकनीकी ज्ञान विकसित हो रहा है और वे उन्नत एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान प्रशिक्षण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादन, उत्पादकता तथा किसानों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में जहानाबाद जिले में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य तेल–तिलहन मिशन के अंतर्गत 30 किसानों के लिए राई–सरसों एवं सूरजमुखी जैसी तिलहनी फसलों की वैज्ञानिक खेती पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले के किसानों को तिलहन उत्पादन एवं तेल निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि राज्य में खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम की जा सके।
माननीय मंत्री ने बताया कि राज्य में तेलहन उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “बिहार के संदर्भ में तेलहन उत्पादन में हालिया प्रगतियाँ” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में तेलहन फसलों की वर्तमान स्थिति, उन्नत किस्में, आधुनिक कृषि तकनीक, एकीकृत पोषक तत्व एवं कीट प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन, विपणन तथा मूल्य संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बिहार की agro-climatic परिस्थितियों के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने की रणनीतियों पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों को उन्नत बीजों के उपयोग, वैज्ञानिक खेती पद्धतियाँ अपनाने, लागत घटाने तथा किसानों की आय बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया गया।
उन्होंने आगे बताया कि कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (ATMA), पटना के तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), सिवान में भी राज्य स्तरीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दलहन फसलों की उन्नत खेती विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित 30 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान दलहन फसलों की उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक खेती पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
इसी क्रम में सारण जिले के मांझी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में दो दिवसीय किसान मेला (कृषि मेला) का सफल आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 500 किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मेले में जनप्रतिनिधियों, जिला कृषि पदाधिकारी, कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, नवीन किस्मों, सरकारी योजनाओं तथा आधुनिक खेती पद्धतियों की जानकारी दी गई। साथ ही सब्ज़ियों, फलों, स्थानीय खाद्य पदार्थों एवं कृषि आधारित उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे किसानों एवं आगंतुकों ने काफी सराहा। प्रदर्शनी के माध्यम से मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन की संभावनाओं पर भी उपयोगी चर्चा की गई तथा किसानों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनके अनुभव, समस्याएँ एवं सुझाव प्राप्त किए गए।
माननीय कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी (NMAET) के अंतर्गत संचालित सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (आत्मा योजना) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के भीतर किसान परिभ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस क्रम में किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र, अधौरा द्वारा आयोजित तकनीकी सप्ताह कार्यक्रम में परिभ्रमण कराया गया, जिसमें चाँद, चैनपुर, भगवानपुर, रामपुर एवं दुर्गावती प्रखंडों से चयनित कुल 150 किसानों ने सहभागिता की।
कृषि विज्ञान केंद्र, अधौरा में आयोजित तकनीकी सप्ताह के दौरान अजोला एवं वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग विधि से सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती सहित आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को इन तकनीकों के माध्यम से खेती की लागत कम कर उत्पादन एवं आय बढ़ाने के उपाय बताए गए। किसानों एवं वैज्ञानिकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद से आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियाँ अपनाने के प्रति किसानों में जागरूकता और उत्साह देखा गया।
माननीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित ये सभी कार्यक्रम किसानों को ज्ञान, तकनीक और नवाचार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जो कृषि क्षेत्र को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।



