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नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर के कथित काले कारनामे उजागर

सहरसा,29जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले के नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर द्वारा विकास के नाम पर संचालित योजनाएं इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। एक ओर जहां बिहार सरकार पूरे राज्य में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर पर सरकारी आदेशों की अनदेखी कर नियम-कायदों को ताक पर रखने के आरोप लग रहे हैं।आरोप है कि आर्थिक लाभ के उद्देश्य से नगर परिषद द्वारा सड़क पर अतिक्रमित मकानों को अतिक्रमण मुक्त कराए बिना ही घर के अंदर से पक्का नाला निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि उक्त नाला निर्माण के लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) तक प्राप्त नहीं की गई है।बताया जा रहा है कि पुरानी बाजार क्षेत्र में पूर्व एसएच-95 की भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए पक्के मकान, वार्ड संख्या 18 की पार्षद डोली देवी के घर के दरवाजे के रास्ते नाला निर्माण कराया जा रहा है। आश्चर्यजनक तथ्य यह भी है कि नाला निर्माण स्थल नगर परिषद कार्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। उल्लेखनीय है कि यह स्थान अनुमंडल मुख्यालय सिमरी बख्तियारपुर एवं जिला मुख्यालय सहरसा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर है। जानकारी के अनुसार आरसीसी नाला निर्माण नगर परिषद की योजना संख्या 118/2025-26 के अंतर्गत बेचन जायसवाल के घर से नगर परिषद के पुल तक कराया जा रहा है। इस योजना की प्राक्कलित राशि लगभग 12 लाख रुपये बताई जा रही है। वहीं इस योजना का अभिकर्ता जन्म-मृत्यु निबंधक पंकज कुमार कर्ण को बनाया गया है।स्थानीय सूत्रों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा विभागीय अथवा टेंडर प्रक्रिया से संचालित अधिकांश योजनाएं बिना उचित निगरानी के राम भरोसे चल रही हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार नगर परिषद के गठन के बाद से ही कई योजनाएं नियम-कानून की धज्जियां उड़ाकर चलाई गई हैं। यदि इन योजनाओं की गहन जांच कराई जाए तो कई हैरतअंगेज घोटालों के उजागर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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