किशनगंज : पीपीआईयूसीडी–आईयूसीडी प्रशिक्षण संपन्न
प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से परिवार नियोजन सेवाओं को मिलेगा नया संबल

किशनगंज,24जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, सुरक्षित मातृत्व एवं नियोजित परिवार की दिशा में किशनगंज जिले ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सदर अस्पताल, किशनगंज में आयोजित पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से आई स्टाफ नर्स, जीएनएम एवं एएनएम को दीर्घकालिक एवं सुरक्षित गर्भनिरोधक सेवाओं में दक्ष बनाया गया।
स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण के बाद जिले में परिवार नियोजन सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता एवं स्वीकार्यता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
व्यवहारिक दक्षता और आत्मविश्वास पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी के सुरक्षित इन्सर्शन, संक्रमण से बचाव, संभावित दुष्प्रभावों के प्रबंधन, फॉलो-अप प्रक्रिया एवं प्रभावी काउंसलिंग की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण को पूरी तरह व्यवहारिक स्वरूप दिया गया, ताकि प्रसव कक्ष एवं ओपीडी में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ यह सेवा प्रदान कर सकें।
मिथकों को तोड़ने की दिशा में अहम पहल
डीसीएम सह प्रशिक्षक सुमन सिन्हा ने बताया कि प्रशिक्षण में सामाजिक मिथकों और गलत धारणाओं को दूर करने पर विशेष फोकस किया गया। उन्होंने कहा कि आईयूसीडी एवं पीपीआईयूसीडी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों के कारण महिलाएं इन सुरक्षित साधनों को अपनाने से हिचकती हैं। यह प्रशिक्षण स्वास्थ्यकर्मियों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ संवाद कौशल भी प्रदान करता है, जिससे वे महिलाओं एवं उनके परिवारों का भरोसा जीत सकें।
परिवार नियोजन में किशनगंज की मजबूत होती पहचान
प्रशिक्षण के सफल समापन पर सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि किशनगंज जिला परिवार नियोजन कार्यक्रम में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि पीपीआईयूसीडी उपलब्धि के मामले में जिला राज्य में सातवें स्थान पर है, जो स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस प्रकार के प्रशिक्षण और सहयोगी संस्था पीएसआई इंडिया के निरंतर प्रयासों से मानव संसाधन और अधिक सशक्त होगा।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक लाभ
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी जैसे साधन न केवल अनचाहे गर्भधारण को रोकते हैं, बल्कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी सहायक हैं। सही समय पर सही जानकारी और सुरक्षित विकल्प मिलने से महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है और परिवार सशक्त बनता है।
महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प
डीपीएम डॉ. मुनाजिम ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर महिलाओं को पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी सेवाएं और अधिक सहजता, सम्मान एवं गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल महिलाओं को उनके स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों में सशक्त बनाने के साथ-साथ किशनगंज को परिवार नियोजन एवं सुरक्षित मातृत्व के क्षेत्र में एक उदाहरणात्मक जिला के रूप में स्थापित करेगी।



