किशनगंज : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती में सहयोगी संस्थाओं की भूमिका अहम
यूनिसेफ व साझेदार संस्थाओं के सहयोग से पूर्ण टीकाकरण में जिला सूबे में दूसरे स्थान पर, प्रथम स्थान के लक्ष्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाएं प्रतिबद्ध

किशनगंज,17जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने में सहयोगी संस्थाओं की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है। तकनीकी सहयोग, फील्ड सपोर्ट और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता के माध्यम से यूनिसेफ सहित अन्य सहयोगी संस्थाएं स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को मजबूती प्रदान कर रही हैं। इन समन्वित प्रयासों का ही परिणाम है कि किशनगंज जिला पूर्ण टीकाकरण के क्षेत्र में राज्य में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समीक्षा सह योजना बैठक का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। बैठक में वर्ष 2025 में किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजनाओं और रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पूर्ण टीकाकरण में उपलब्धि पर गर्व, प्रथम स्थान का लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि सहयोगी संस्थाओं के निरंतर सहयोग और स्वास्थ्य विभाग की टीमवर्क की बदौलत जिला आज पूरे सूबे में पूर्ण टीकाकरण के मामले में दूसरे स्थान पर है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य प्रथम स्थान प्राप्त करना है, जिसके लिए सभी को और अधिक समर्पण और समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
वहीं जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि नियमित टीकाकरण, माइक्रोप्लानिंग, फील्ड मॉनिटरिंग और समुदाय के साथ सतत संवाद को और मजबूत किया जाएगा, ताकि शत-प्रतिशत लक्षित बच्चों तक टीकाकरण सेवाएं पहुंच सकें।
यूनिसेफ और सहयोगी संस्थाओं का प्रभावी योगदान
डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि यूनिसेफ द्वारा नियमित एवं कोविड टीकाकरण, सामुदायिक बैठकें, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और निगरानी तंत्र को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है। यूनिसेफ के फील्ड स्तर के कर्मियों ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।
स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं में समन्वय पर जोर
इस अवसर पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन एवं डीपीओ आईसीडीएस अनीता कुमारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के बीच बेहतर समन्वय से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा टीकाकरण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. प्रीतम घोष, सहयोगी संस्थाओं सिफार, पीएसआई इंडिया, पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधियों सहित यूनिसेफ की ओर से एसएमसी एजाज अफजल, डीपीएम डॉ. मुनाजिम, डीसीएम सुमन सिन्हा एवं डीपीसी विश्वजीत कुमार उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने वर्ष 2025 में किए गए कार्यों का प्रस्तुतीकरण करते हुए टीकाकरण, निगरानी, क्षमता निर्माण एवं जनजागरूकता अभियानों की प्रगति साझा की। अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि यूनिसेफ और अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ यह साझेदारी जिले को स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज की दिशा में आगे बढ़ाने में निर्णायक साबित हो रही है। आने वाले समय में इन प्रयासों को और गति देकर जिले को स्वास्थ्य संकेतकों में राज्य का अग्रणी जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


