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जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा है कि जिला-स्तरीय पदाधिकारियों/अधिकारियों के टीम के माध्यम से योजनाओं की नियमित तौर पर जाँच कराई जाएगी।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद। वे आज समाहरणालय स्थित सभागार में इस विषय पर आयोजित एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इसके लिए उप विकास आयुक्त, पटना को निदेशित किया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्थल निरीक्षण के दरम्यान निरीक्षी पदाधिकारियों द्वारा स्थानीय लोगों एवं योजनाओं के लाभुकों से फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही निरीक्षण के बाद निर्धारित प्रपत्र में प्रतिवेदन समर्पित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षी पदाधिकारियों के प्रतिवेदन एवं आम जनता के फीडबैक के आधार पर नियमानुसार अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पटना जिला में सरकार की विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के अंदर योजनाओं को पूरा किया जा रहा है। इसके अनुश्रवण के लिए एक उत्कृष्ट प्रणाली भी क्रियाशील है। उन्होंने कहा कि जिला-स्तरीय पदाधिकारियों एवं टीम द्वारा जनहित की लोक कल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं का समय-समय पर जाँच कराया जा रहा है ताकि आम जनता से संपर्क एवं संवाद सुदृढ़ रहे तथा योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ससमय प्राप्त हो। जिलाधिकारी ने कहा कि इसी प्रसंग में आज पटना जिला अंतर्गत सभी 23 बाल विकास परियोजनाओं में आँगनबाड़ी केन्द्रों पर पूरक पोषाहार योजना के तहत फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण का औचक जाँच एवं अनुश्रवण 23 जिला-स्तरीय पदाधिकारियों के माध्यम से कराया गया। पदाधिकारियों द्वारा विहित प्रपत्र में प्रतिवेदन समर्पित किया जा रहा है। आज इन निरीक्षी पदाधिकारियों के साथ समाहरणालय में समीक्षा बैठक की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जिलांतर्गत आँगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति बेहतर है। लोगों को अच्छी सुविधा मिल रही है। आँगनबाड़ी केन्द्रों पर टीएचआर वितरण में पारदर्शिता एवं एफआरएस के माध्यम से वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण कराया गया है। जिला प्रशासन, पटना सभी आँगनबाड़ी केन्द्रों पर सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।

जिलाधिकारी ने कहा कि आने वाले समय में नियमित तौर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जाँच प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों एवं जिला-स्तरीय टीम द्वारा करायी जाएगी। अस्पतालों, विद्यालयों, कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों, जन-वितरण प्रणाली की दुकानों, कल्याण विभाग के छात्रावासों, खेल मैदानों, पशु अस्पतालों, सड़कों, चापाकलों, नलकूपों, नल का जल, पंचायत सरकार भवनों, मनरेगा, आवास योजना सहित कृषि, श्रम, ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधन, पीएचईडी, पंचायती राज एवं अन्य विभागों की योजनाओं का निरीक्षण समय-समय पर कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के दिशा-निदेशों के अनुरूप पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ-साथ जन कार्यों के प्रति संवेदनशीलता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन, पटना की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। रोस्टर के अनुसार योजनाओं का नियमित तौर पर निरीक्षण इसी का एक भाग है ताकि प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी रहे।

 

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