गव्य विकास कार्यालय को चलाते हैं ड्राइवर, स्थिति भयावह
नवेंदु मिश्र
मेदिनीनगर – पलामू का गव्य विकास विभाग… लेकिन यहाँ विकास नहीं, लापरवाही और गैरज़िम्मेदारी का बोलबाला है। जी हाँ, हैरान हो जाइए… पूरा सरकारी विभाग एक ड्राइवर के भरोसे चल रहा है। यहाँ न अधिकारी थे, न कर्मचारी… बस एक ड्राइवर कुर्सी पर बैठा मिला।
कार्यालय में किसान घंटों इंतज़ार करते रहे… लेकिन ‘साहब लोग’ ड्यूटी पर पहुँचना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं।
फोन पर जब पूछा गया तो किसी ने मां की तबीयत का बहाना बना दिया… तो किसी ने बैंक के काम का। मतलब… सरकारी ड्यूटी छोड़कर निजी काम ज्यादा अहम है। यह है सिस्टम की सच्चाई… जहाँ किसानों की परेशानियाँ किसी को नहीं दिखतीं… और सरकारी कार्यालय लापरवाह कर्मचारियों के ‘मिज़ाज’ पर चलता है।
अब बड़ा सवाल—क्या जिला प्रशासन गैरजिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई करेंगी… या फिर यह मामला भी जांच के नाम पर फाइलों में दबकर रह जाएगा…? ये तस्वीर सिर्फ पलामू की नहीं, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र की हकीकत बयां करती है… सवाल है कि कब तक जनता ऐसे लापरवाह सिस्टम का खामियाज़ा भुगतती रहेगी?”