
किशनगंज,23अगस्त(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, गर्वनडंगा थाना क्षेत्र में फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले अंतरजिला गिरोह के विरुद्ध किशनगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महज 24 घंटे में पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य अभियुक्त राजन कुमार को समस्तीपुर से गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पहले गिरफ्तार अजय कुमार साह की निशानदेही पर पुलिस को भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और नकदी बरामद हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी (राजस्व अधिकारी, प्रखंड दिघलबैंक) द्वारा थाना में लिखित आवेदन देकर सूचना दी गई कि थाना क्षेत्र में जाली निवास प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक किशनगंज के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 किशनगंज के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
गर्वनडंगा थाना कांड संख्या 38/25 के अंतर्गत मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने अजय कुमार साह (निवासी – जियापोखर, वार्ड-06) को गिरफ्तार किया, जिसके पास से निम्नलिखित सामग्रियां बरामद की गईं:
- करीब 20 फर्जी प्रमाण पत्र
- एक डेस्कटॉप, लैपटॉप, प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन
- मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, फिंगरप्रिंट स्कैनर
- ₹39,602 नकद, 150 नेपाली रुपए
तकनीकी अनुसंधान में पता चला कि गिरोह एक खास वेबसाइट लिंक का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज बनाता था, जिसका एडमिन राजन कुमार (खानपुर, समस्तीपुर) था। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया और उसके पास से निम्नलिखित जब्ती की गई:
बरामदगी:
- ASUS लैपटॉप, DELL डेस्कटॉप, ZEBRONICS CPU
- PAYTM QR स्कैनर, 2TB हार्डडिस्क
- 2 बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर, वायरलेस चार्जर
- Samsung Galaxy S24 Ultra, iPhone 15 Plus, iQOO Neo7 मोबाइल
- कुल 6 बैंक खातों में ₹26,47,685
- विभिन्न बैंकों के पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड
गिरफ्तारी:
राजन कुमार, उम्र 26 वर्ष
पिता – भरत महतो
निवासी – खानपुर, समस्तीपुर (बिहार)
छापामारी टीम में शामिल अधिकारीगण:
- मंगलेश कुमार सिंह (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2)
- पु.नि. अरुण कुमार सिंह
- पु.नि. जन्मेजय कुमार शर्मा (डीआईयू प्रभारी)
- पु.अ.नि. कुंदन कुमार (थानाध्यक्ष गर्वनडंगा)
- साइबर थाना, तकनीकी शाखा एवं सशस्त्र बल के अन्य सदस्य
पुलिस की अपील:
पुलिस अधीक्षक सागर कुमार ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की फर्जी प्रमाण पत्र निर्माण या डिजिटल धोखाधड़ी की जानकारी मिले, तो तत्काल स्थानीय थाना या साइबर पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।