
एक 73 वर्षीय किसान किसान भागीरथी बिसई ने अपने घर की छत पर ही धान की खेती की है। दरअसल बिसई के पास खेत नहीं हैं। उन्होंने लीज पर खेत लेने के बजाय खुद ये नया तरीका इजाद कर लिया। खेती में छत गिर न जाए,इसके लिए उन्होंने छत पर रेत और सीमेंट की ढलाई तो कराई,लेकिन लोहे की छड़ के साथ बांस की लकड़ी लगवाई।उनका तर्क है कि बांस जल्दी नहीं सड़ता।बास के कारण सीलन की समस्या दूर हो गई। छत पर मिट्टी की छह इंच परत बिछाई गई है।वह परंपरागत किसान हैं।इस एक्सपेरिमेंट के लिए उन्होंने कोई ट्रेनिंग नहीं ली है।



