जन अधिकार पार्टी ने कर्मचारी चयन आयोग की प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के मामले का गंभीर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार की अक्षमता के विरोध स्वरूप जुझारू आंदोलन शुरू किया है।उसके तहत जन अधिकार पार्टी ने राष्ट्रीय संरक्षक माननीय सांसद पप्पू यादव जी के नेतृत्व में आज राजभवन मार्च किया।माननीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि मौजूदा नीतीश सरकार से किसी किस्म के न्याय की आशा करना फिजूल है।नीतीश कुमार बताएं कोई एक भी ऐसी परीक्षा जो कदाचार मुक्त हुई हो और जिसमें रिजल्ट बिना बेईमानी या घोटाले के सही तरीके से आया हो,किसी एक भी शिक्षा जगत में जिस तरह घोटालों की एक श्रृंखला सी शुरू हो गई है उसमें जन अधिकार पार्टी मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती।लाखों छात्रों के भविष्य को तबाह और बर्बाद करने को यह सरकार तुली हुई है।लिहाजा जन अधिकार पार्टी नीतीश सरकार के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ेगी।सरकार पुलिसिया जांच के बहाने बीएसएससी पर्चा लीक मामले को रफा-दफा करने की साजिश कर रही है।यदि वह इस घोटाले मं संलिप्त लोगों को बेनकाब करना चाहती है तो अविलंब इसकी सीबीआई जांच कराने की दिशा में पहल करे।माननीय सांसद ने साफ कहा कि यदि मुख्यमंत्री छात्रों के साथ न्याय के पक्षधर हैं तो वे पेपर लीक मामले में

संलिप्त उन नौ मंत्रियों, 21 विधायकों और नौ पदाधिकारियों-सिपहसलारों को नाम उजागर करें जिनका उल्लेख आरोपी परमेश्वर राम ने किया है।जन अधिकार पार्टी द्वारा 17 फरवरी को पेपर लीक घोटाले और बेनामी सम्पत्ति की जांच की मांग के लिए धरना प्रदर्शन किया जायेगा। पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच का आदेश नहीं देने की स्थिति में जन अधिकार पार्टी ने पूर्व में 21 फरवरी को बिहार बंद का आह्वान किया था मगर माननीय सांसद पप्पू यादव जी ने राज्य में चल रही इंटर परीक्षा की वजह से छात्रों को होनेवाली परेशानी के आलोक में बिहार बंद की तिथि पर पुनर्विचार कर उसे बढ़ा देंगे।
रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर
Post Views: 192
Like this:
Like Loading...
Back to top button
error: Content is protected !!