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किशनगंज : पूरे देश के साथ जिला के लिए भी गौरवमयी पल, 100 करोड़ का सपना हुआ साकार:-जिलाधिकारी

शतप्रतिशत टीकाकरण के लिए जिलाधिकारी लगातार आम लोगों को करते रहे जागरूक, सिविल सर्जन संक्रमित हुए लेकिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया, लोगों को सुरक्षित करने में डा रफत हुसैन ने हारी जीवन की लड़ाई।

किशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह, गुरुवार का दिन पूरे देश के साथ जिला के लिए भी गौरवमयी रहा। हो भी क्यों न ! देश में कोविड 19 टीकाकरण ने 100 करोड़ के लक्ष्य को पार कर लिया है। इससे जिले में प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग एवं आम लोग भी अपने आप को काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। लेकिन यह सफर काफी चुनौतियों से भरा रहा। इन चुनौतियों को पार कर आज 100 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य पूरा हो गया है। टीकाकरण के इस सफर पर वीडियो जारी करते हुए जिलाधिकारी डॉ. आदित्य प्रकाश ने पूरे जिलेवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण का सफर विगत 20 महीनों में चुनौतियों एवं संघर्ष पर हौसलों की जीत का रहा है। जिले में पूरे देश के साथ 16 जनवरी को कोविड 19 टीकाकरण के कार्य के शुरू हुए। इस दौरान टीका की उपलब्धता, टीकाकरण को लेकर सामुदायिक भ्रांतियां एवं सीमित संसाधनों जैसी तमाम चुनौतियों को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम कर्मियों के अथक प्रयास की बदौलत दूर करने में सहयोग मिला। वहीं इस कार्य में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, नर्स, आशा, आंगनबाड़ी, जीविका, शिक्षा विभाग, जनप्रतिनिधि और सहयोगी संस्थाओं के साथ आमजनों का भी योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि लगातार महाभियान के जरिये जिले में अब तक कुल 8.93 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिसमें 7.23 लाख लोगों को प्रथम डोज एवं 1.70 लाख लोगों को दूसरा डोज दिया जा चुका है। जल्द ही जिले में शतप्रतिशत टीकाकरण कार्य हो जायेगा। संक्रमण की दूसरी लहर में जब जिला के लोग कोविड का टीका लेने से कतरा रहें थे तब जिलाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश ने खुद जागरूकता की कमान संभाल रखी थी। जिलाधिकारी के द्वारा सभी समुदाय के साथ बैठक कर टीकाकरण के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही जिले में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के साथ खुद जिलाधिकारी ने प्रखंडों एवं गांवों में संदेश से दूर किया था। इसके साथ हीं भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रखंड से लेकर जिला कम्युनिकेशन टास्क फोर्स का भी गठन किया गया था। इस जिला टास्क फोर्स के अध्यक्ष खुद डीएम थे। सभी सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। तब जाकर लोगों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ी और आज यह उपलब्धि हासिल हुई है। कोरोना संक्रमण ने अपने दोनों लहरों में काफी चुनौतियाँ पेश की लेकिन उन्हें मात देने के लिए सेवा के भाव और आत्मविश्वास से भरपुर सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन एक कोरोना योद्धा एक दीवार की तरह खड़े हो रहे हैं। कोरोना संक्रमित होने के बावजूद डॉ श्री नंदन ने काफ़ी सक्रियता से कार्य को अंजाम देना शुरू किया था, जो अभी भी उसी रफ़्तार से जारी है। उनके कुशल नेतृत्त्व का ही असर है कि जिले में कोरोना की दस्तक भी अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावित नहीं कर सकी। जिलास्तर पर कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया तथा सीमित संसाधानों का बेहतर उपयोग कर जिले को कोरोना मुक्त करने में सिविल सर्जन ने अपने कर्तव्यों का बखूबी निवर्हन किया। सीएस ने बताया कि टीकाकरण के लक्ष्य को हर हाल में हासिल करने के लिए नयी-नयी पहल की गयी। पूजा पंडालों के पास टीकाकरण, जिले में 9 टू 9 टीकाकरण, टीका एक्सप्रेस, विशेष टीकाकरण अभियान, महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था, सेकेंड डोज के लिए अलग से टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। इसके साथ हीं पोलियो अभियान की तर्ज पर डोर-टू-डोर टीकाकरण अभियान भी चलाया गया। सिविल सर्जन ने बताया कि टीकाकरण के शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना ही हमारा संकल्प है। इन चुनौतियों के बीच स्वास्थ्य की अन्य सेवाओं को सुनिश्चित कराना भी हमारी जिम्मेदारी है। सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया कि आज की सफलता के पीछे जिले के नेकदिल इंसान और बेहतरीन चिकित्सक डॉ रफत हुसैन के बलिदान को भुलाया नही जा सकता है। साथ ही उनकी कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता। कोरोना की इस लड़ाई में औरों की देखभाल एवं रक्षा के लिए उन्होंने खुद को बलिदान कर दिया। उस आपात स्थिति में उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए जिले वासी हमेशा याद रखेंगे। जिला में नियमित टीकाकरण के साथ कोरोना टीकाकरण की स्थिति को भी सुधारने में उनका काफी सहयोग रहा। जिनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। आज जिले में मात्र एक मरीज ही संक्रमित हैं और हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीकाकरण कर पाए है।

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