यगाधीश संत वशिष्ठ नारायण आचार्य ने की डीआईजी नौशाद आलम से भेंट, व प्रदान किया श्री राम जन्मभूमि का पवित्र प्रसाद

नवेंदु मिश्र
मेदिनीनगर :- भारतवर्ष के महान संत परम पूज्य श्री लक्ष्मी प्रपन्ना जी एवं स्वामीजी महाराज के शिष्य यगाधीश संत वशिष्ठ नारायण आचार्य ने सोमवार को डीआईजी नौशाद आलम से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर संत ने राम जन्मभूमि अयोध्या मंदिर का पवित्र प्रसाद डीआईजी को भेंट कर उनके स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की। मुलाकात के दौरान दोनों हस्तियों ने धर्म, भक्ति और सामाजिक एकता पर गहन चर्चा की। संत वशिष्ठ नारायण आचार्य ने कहा कि राम जन्मभूमि का मंदिर केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सद्भाव का आधार है। समाज में एकता, प्रेम और सदाचार को निभाना हर नागरिक का दायित्व है। इस मौके पर डीआईजी नौशाद आलम ने कहा कि धार्मिक आस्था और अध्यात्म हमें सद्भावना, सहिष्णुता और सामाजिक समरसता की राह दिखाते हैं। उन्होंने संत को गुलदस्ता और अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया और कहा कि ऐसे संवाद समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं और प्रशासनिक कार्यों में नैतिकता की वृद्धि होती है।