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किशनगंज : हर घर तक स्वास्थ्य सेवा की मजबूत कड़ी बनी आशा

आशा दिवस पर समीक्षा बैठक, अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने पर जोर

किशनगंज,05जनवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, हर घर और हर गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर मजबूत कड़ी के रूप में उभर रही हैं। सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को कागज से निकालकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में आशा की भूमिका निर्णायक साबित हो रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण, पोषण, परिवार नियोजन और जनजागरूकता जैसे क्षेत्रों में आशा के निरंतर प्रयासों से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा मिली है।

इसी उद्देश्य को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ठाकुरगंज के सभागार में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अध्यक्षता में आशा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों से आई आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सभी प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की पहली प्रहरी हैं आशा

आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता गांव और टोले स्तर पर गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करती हैं। प्रसव पूर्व जांच, पोषण परामर्श, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा और नवजात शिशुओं की देखभाल जैसे कार्यों में उनकी भूमिका अहम है। बच्चों के टीकाकरण, स्तनपान और शिशु देखभाल के प्रति जागरूकता फैलाकर आशा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

सर्वे, जागरूकता और रोग नियंत्रण में सक्रिय भूमिका

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य सर्वेक्षण के माध्यम से आशा समुदाय की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति को सामने लाती हैं। मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसे गैर-संक्रामक रोगों की पहचान, क्षय रोग के संभावित मरीजों की सूचना, वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम तथा परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता फैलाने में आशा की सक्रियता से समय पर इलाज और नियंत्रण संभव हो पा रहा है। स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों की सेवाओं से लोगों को जोड़ने में भी आशा की भूमिका महत्वपूर्ण है।

आशा दिवस पर सभी कार्यक्रमों की एकीकृत समीक्षा

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलकुर रहमान ने बताया कि आशा दिवस के अवसर पर गर्भवती महिलाओं के शीघ्र पंजीकरण, सर्वे कार्य, गैर-संक्रामक रोग नियंत्रण, क्षय रोग उन्मूलन, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, मातृ एवं शिशु गृह भ्रमण, परिवार नियोजन, पोषण एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण जैसे कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही कार्य प्रगति और जमीनी चुनौतियों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य व्यवस्था की आधारशिला हैं आशा

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। सरकारी योजनाओं की सफलता आशा की मेहनत और संवेदनशीलता पर निर्भर करती है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, टीकाकरण और रोग नियंत्रण में मिले सकारात्मक परिणामों के पीछे आशा का समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

समाज में व्यवहार परिवर्तन की प्रभावी कड़ी

जिलाधिकारी विशाल राज ने अपने संदेश में कहा कि आशा केवल स्वास्थ्य सेवाओं की वाहक नहीं, बल्कि समाज में व्यवहार परिवर्तन की सबसे प्रभावी कड़ी हैं। स्वच्छता, पोषण और समय पर उपचार को लेकर लोगों की सोच में आए बदलाव में आशा की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि आशा के प्रयासों से ही जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार संभव हो पा रहा है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े अधिकारी, परामर्शदाता, तकनीकी सहयोगी एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि आशा के समर्पण और सतत प्रयासों के बिना एक मजबूत, संवेदनशील और भरोसेमंद स्वास्थ्य व्यवस्था की कल्पना संभव नहीं है।

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