अररिया: राजस्व महाअभियान के तहत शिविर का निरीक्षण, रैयतों को मिलेगा भूमि विवादों से स्थायी समाधान
अपर सचिव डॉ. महेन्द्र पाल ने लिया प्रगति का जायजा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

अररिया,30अगस्त(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह/अब्दुल कैय्युम, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के अपर सचिव डॉ. महेन्द्र पाल ने शनिवार को अररिया अंचल अंतर्गत रामपुर कोदरकट्टी पंचायत में आयोजित राजस्व महाअभियान शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित रैयतों से फीडबैक लिया और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। निरीक्षण के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारी अररिया भी मौजूद रहे।निरीक्षण के क्रम में डॉ. पाल ने राजस्व महाअभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों को समय पर ऑनलाइन किया जाए, ताकि रैयतों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान का उद्देश्य भूमि विवादों की रोकथाम, स्थायी समाधान और भूमि अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान रैयतों के लिए उनकी भूमि संबंधी दस्तावेजों के सुधार व अद्यतीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जमाबंदी वितरण के कार्य में पंचायती राज प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि कार्य में गति लाई जा सके।
अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले में राजस्व महाअभियान के तहत 16 अगस्त से 20 सितंबर 2025 तक डोर-टू-डोर अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत रैयतों से उनके भूमि दस्तावेजों में सुधार, उत्तराधिकारी नामांतरण, बंटवारा नामांतरण से संबंधित आवेदन लिए जा रहे हैं। साथ ही, ऑनलाइन की गई जमाबंदियों की प्रति संबंधित रैयतों को उनके घर तक पहुंचाई जा रही है।हल्का स्तर पर आयोजित शिविरों के माध्यम से भी आवेदन पत्र प्राप्त किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक रैयत इस अभियान का लाभ ले सकें।
यह राजस्व महाअभियान जिले में सुशासन, पारदर्शिता और प्रभावी सेवा वितरण की दिशा में एक बड़ा और सशक्त कदम माना जा रहा है।