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कानपुर रेल हादसे की जांच कर रही एनआइए की टीम,जिले के कई स्थानों पर छापेमारी…

  • कानपुर के पास भीषण रेल हादसा, 107 मरे

  • ट्रेन हादसे में मृतकाें की संख्या हुई 145, मरने वालों में यूपी के 65 तो एमपी के 28

  • बीच राह खत्म हुआ 146 लोगों की जिंदगी का सफर

  • दुर्घटनाग्रस्त होने से बची पटना-इंदौर एक्सप्रेस

  • मौत की पटरी पर दौड़ा दी ट्रेन, 128 की मौत

घोड़ासहन ट्रैक कांड व कानपुर रेल हादसे की जांच कर रही एनआइए की टीम ने सोमवार को जिले के कई स्थानों पर छापेमारी की।इस दौरान आइएसआइ के चार कारिंदे भी साथ थे।इन चारों की निशानदेही पर कार्रवाई चली।देर शाम अलग-अलग स्थानों से दो लोगों को हिरासत में लेने की सूचना है। इनसे पूछताछ की जा रही है।हालांकि,इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।सूचना है कि टीम देर रात तक छापेमारी करेगी। टीम ने पहले रक्सौल में छापेमारी की।इस क्रम में अलग-अलग इलाकों में स्थित दुकानों से विभिन्न तरह के सामान के नमूने लिए गए।इसके बाद घोड़ासहन में आइएसआइ कारिंदा गजेन्द्र शर्मा के स्टूडियो से आवश्यक सामान जब्त किए गए। इसके अलावा रामगढ़वा, आदापुर व झरोखर में भी जांच-पड़ताल की सूचना है।टीम ने रिमांड पर लिए गए आदापुर के बखरी निवासी गजेन्द्र शर्मा, झरोखर के अठमुहान निवासी रंजय कुमार,रक्सौल के गम्हरिया निवासी उमाशंकर पटेल व राकेश यादव के साथ अलग-अलग स्थानों पर अचानक पहुंचकर छापेमारी की।सबसे पहले रक्सौल के लोहापट्टी रोड स्थित रामगढ़वा मुरला निवासी पूर्व मुखिया बाल्मिकी प्रसाद उर्फ मुखिया जी की दुकान पर उमाशंकर पटेल के साथ छापेमारी की। यहां से बदमाशों ने विस्फोट के लिए कांटी की खरीदारी की थी। यहीं पर रक्सौल के पनटोका निवासी मुन्ना प्रसाद की दुकान किचेन हाउस से कुकर तथा आश्रम रोड कृष्णा टॉकीज प्रांगण के समीप मदन जी के हुलास इलेक्ट्रॉनिक प्रतिष्ठान से इलेक्ट्रिक वायर खरीदने के मामले में भी जानकारी ली गई।घोड़ासहन में प्रखंड के पास स्थित गजेंद्र शर्मा के स्टूडियो में टीम शर्मा एवं रंजय के अलावा एक अन्य नकाबपोश कारिंदा के साथ पहुंची। तीनों को स्टूडियो के अंदर ले जाया गया।जहां करीब आधा घंटे तक पूछताछ हुई। इसके बाद वहां से एक पोटली मिली। टीम ने पोटली को जब्त कर लिया।स्टूडियो की जांच के बाद टीम रंजय व गजेन्द्र के साथ घटना से जुड़े सभी प्वाइंट पर पहुंची, जहां घटना को अंजाम दिया गया था। यहां टीम के अधिकारियों ने पूछताछ के क्रम में रंजय से जानना चाहा कि बम लगाने के बाद वह किस रूट से अपने घर अठमुहान पहुंचा।टीम ने सभी रूट की वीडियोग्राफी भी कराई । रक्सौल में मुखिया जी की दुकान पर हुई पूछताछ के दौरान टीम ने पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर आदापुर में 3 दिसंबर 2016 को हुए ब्लास्ट के बारे में भी जानकारी लेने की कोशिश की। हालांकि, इस बारे में कोई जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले की गंभीरत को देखते हुए एनआइए की टीम ने 18 फरवरी 2017 को गिरफ्तार रंजय साह को रिमांड पर लिया है। वहीं, गजेन्द्र शर्मा, राकेश यादव व उमाशंकर पटेल की रिमांड अवधि बढ़कर 25 फरवरी तक है।टीम पूरे तौर जिले में आइएसआइ के कनेक्शन को खंगाल देना चाह रही है।

रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर 

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